देहरादून में संवासिनी मौत का मामला: रात 11 बजे सोती देखी... तड़के 3 बजे फंदे पर मिली, इन 4 घंटे में क्या हुआ?
राजकीय नारी निकेतन, देहरादून में 35 वर्षीय संवासिनी की कथित आत्महत्या मामले को राज्य महिला आयोग ने गंभीरता से लिया है।। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, देहरादून। राजकीय नारी निकेतन में 35 वर्षीय संवासिनी की कथित आत्महत्या के मामले को राज्य महिला आयोग ने गंभीरता से लिया है।
आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने शनिवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया और जिलाधिकारी सविन बंसल को इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच के कड़े निर्देश दिए।
आयोग अध्यक्ष ने जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट से घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि उत्तर प्रदेश के हमीरपुर निवासी ममता पिछले छह माह से उपचाराधीन थी।
रिकार्ड के अनुसार, रात 11 बजे वह बिस्तर पर सो रही थी, लेकिन तड़के तीन बजे वह सीढ़ियों की रेलिंग से फंदे पर लटकी पाई गई।
अध्यक्ष ने इस चार घंटे के अंतराल और सुरक्षा प्रोटोकाल के उल्लंघन पर तीखी आपत्ति दर्ज की और जांच का आदेश दिया।
आयोग ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका की सूक्ष्मता से जांच की जाए।
यह स्पष्ट किया जाए कि मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के बावजूद संवासिनी की गतिविधियों पर रात के समय विशेष निगरानी क्यों नहीं रखी गई।
सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
आयोग अध्यक्ष ने मानसिक रूप से अस्वस्थ संवासिनियों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
साथ ही संस्थान में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, नाइट शिफ्ट में स्टाफ की संख्या में तत्काल वृद्धि करने और संवेदनशील वार्डों में 24 घंटे निगरानी तंत्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर जिलाधिकारी ने उन्हें बताया कि मृतका के शव का पोस्टमार्टम करा लिया गया है और जल्द ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे।
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