Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 06, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    फैशन ट्रेंड में छा रहे हैं इको फ्रेंडली बैग्स, युवाओं की बनी पहली पसंद

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Sat, 11 May 2019 08:03 AM (GMT+05:30)

    फैशन के दौर में बैग के भी ट्रेंड बदलते रहते हैं। जैसे इन दिनों कपड़े और जूट से बने बैग काफी ट्रेंड में हैं। यह इको फ्रेंडली होने के साथ ही स्टाइलिश लु ...और पढ़ें

    फैशन ट्रेंड में छा रहे हैं इको फ्रेंडली बैग्स, युवाओं की बनी पहली पसंद
    फैशन ट्रेंड में छा रहे हैं इको फ्रेंडली बैग्स, युवाओं की बनी पहली पसंद

    देहरादून, दीपिका नेगी। कालेज, ऑफिस या फिर कहीं शॉपिंग के लिए जाना हो, तो बैग की जरूरत पड़ती ही है। लेकिन, फैशन के दौर में बैग के भी ट्रेंड बदलते रहते हैं। जैसे इन दिनों कपड़े और जूट से बने बैग काफी ट्रेंड में हैं। यह इको फ्रेंडली होने के साथ ही स्टाइलिश लुक भी देते हैं। इस तरह के बैग युवाओं को काफी पसंद भी आ रहे हैं। साथ ही महिलाएं भी इन्हें काफी पसंद कर रहीं हैं।

    नयापन व आकर्षक कढ़ाई

    डेनिम, जींस और दूसरे कपड़े से बने बैग फैशन स्टेटमेंट के लिए जाने जा रहे हैं। इनमें कढ़ाई और अन्य तरह की सजावट कर इन्हें और आकर्षक बनाया जा रहा है। युवाओं का कहना है कि नयेपन के साथ ही इनका रख-रखाव भी आसान है। साथ ही इन्हें हर ड्रेस के साथ कैरी किया जा सकता है। लाइट कलर के आउटफिट के साथ ब्राइट कलर्स के बैग की काफी डिमांड हैं। वहीं, कैनवास बैग भी इतने ट्रेंडी शेप्स में उपलब्ध हैं कि इन्हें पसंद करने के लिए खूब वैरायटी मिल रही हैं। कॉलेज गोइंग लड़कियां इनमें चैक्स डिजाइन वाले बैग मैचिंग कर रहीं हैं। ऑनलाइन भी इन बैगों को खरीदा जा रहा है। कारण, यह स्टाइलिश होने के साथ ही कम दामों में उपलब्ध हैं।

    जूट के बने बैग का क्रेज

    जूट से बने बैग इन दिनों बाजार में काफी बिक रहे हैं। इनकी कीमत 100 रुपये से लेकर 400 रुपये तक है। खूबसूरत रंगों में मौजूद जूट से बने बैग हर उम्र को काफी पसंद आ रहे हैं। कॉलेज जाने वाली लड़कियों के लिए ये बैग्स स्टाइलिश लुक में मौजूद हैं। वहीं महिलाओं के लिए बाजार में शॉपिंग का यह बेस्ट ऑप्शन है। उनका कहना है कि पॉलिथिन का प्रयोग रोकने के लिए ये बैग बेहतर विकल्प हैं। इको फ्रेंडली होने के साथ ही यह काफी टिकाऊ भी हैं।

    महिलाएं कमा रहीं हैं मुनाफा

    दून की कई सामाजिक संस्थाओं की ओर से कपड़े और जूट के बैग तैयार करने का काम किया जा रहा है। वहीं, कुछ कंपनियां भी इन्हें बढ़ावा दे रही हैं। एचएस इंटरप्राइजेस कंपनी की गरिमा गुप्ता अपनी कंपनी के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का काम भी कर रही हैं। उनके मार्गदर्शन में महिलाएं इको फ्रेंडली बैग तैयार कर मुनाफा कमा रही हैं। डिजाइनर प्रीति तोपवाल बताती हैं कि वह ऑर्डर पर इस तरह के खास बैग डिजाइन करती हैं।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें: गढ़वाल अंचल में भी चढ़ रहा 'पिछौड़' का रंग, जानिए इसके बारे में

    यह भी पढ़ें: चुनावी मौसम में बढ़ रहा खादी प्रेम, नेताओं संग समर्थकों की भी पसंद

    लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप