बिटकाइन घोटाले में ईडी का शिकंजा, हेमंत शर्मा की 8 54 करोड़ की संपत्ति कुर्क
ईडी ने देहरादून में बिटकाइन घोटाले के मुख्य आरोपी हेमंत ईश्वर शर्मा की 8.54 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। शर्मा पर निवेशकों से 200 करोड़ रुपये क ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, देहरादून। बिटकाइन में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर देशभर के निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगने वाले हेमंत ईश्वर शर्मा पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा और कस दिया है।
ईडी के देहरादून सब-जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आरोपित की 8.54 करोड़ रुपये की संपत्तियां (बंगला और बीएमडब्ल्यू कार) अस्थायी रूप से कुर्क (प्रोविजनल अटैचमेंट) कर दी है।
यह कार्रवाई उस घोटाले में की गई, जिसमें निवेशकों को बीटीसीएफयूएनडी.आईएस नामक आईसलैंड में पंजीकृत वेबसाइट के जरिए बिटकाइन में निवेश का झांसा देकर ठगा गया था।
ईडी के अनुसार, जांच की शुरुआत थाना राजपुर, देहरादून में दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी। इसी फर्जीवाड़े को लेकर उधमसिंह नगर जिले के थाना दिनेशपुर में भी हेमंत ईश्वर शर्मा और अन्य के विरुद्ध अलग एफआईआर दर्ज की गई थी।
जांच में सामने आया कि वेबसाइट पूरी तरह हेमंत शर्मा के नियंत्रण में थी और वह निवेशकों को भारी रिटर्न का लालच देता था। भरोसा पैदा करने के लिए वह यह भी दावा करता था कि कंपनी से कई विदेशी नागरिक जुड़े हैं, जिससे लोग इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की विश्वसनीय योजना समझकर निवेश करते रहे।
पांच साल तक चलाया खेल, फिर अचानक गायब कर दी वेबसाइट
ईडी की जांच के मुताबिक, वर्ष 2014 से 2018 के बीच करीब पांच वर्षों तक फर्जी निवेश योजना चलाई गई। जब बड़ी मात्रा में बिटकाइन जमा हो गए और लोगों का भरोसा पूरी तरह जीत लिया गया, तब वेबसाइट अचानक बंद कर दी गई। इसके बाद निवेशकों का पैसा फंस गया और वह ठगी का शिकार हो गए।
ब्लाकचेन जांच में 200 करोड़ की 856.23 बिटकाइन का सुराग
जांच एजेंसी ने ब्लाकचेन विश्लेषण के जरिये लगभग 856.23 बिटकाइन को अपराध की आय के रूप में चिह्नित किया है, जिसकी मौजूदा अनुमानित कीमत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई है। ईडी का आरोप है कि इन बिटकाइन को विभिन्न क्रिप्टो एक्सचेंजों के माध्यम से धन शोधन कर अचल संपत्तियां खरीदने, महंगी कार लेने और देहरादून स्थित आवास के नवीनीकरण में लगाया गया।
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कोई वैध आय नहीं, फिर भी बंगला और दो बीएमडब्ल्यू
जांच में यह भी सामने आया कि हेमंत शर्मा के पास बीटीसीफंड.आईएस से प्राप्त धन के अलावा आय का कोई अन्य वैध स्रोत नहीं था, लेकिन इसके बावजूद वह बेहद आलीशान जीवन जी रहा था।
उसने देहरादून के राजपुर रोड स्थित पाश इलाके में बंगला खरीदा, दो बीएमडब्ल्यू कारे रखीं और देहरादून व आसपास करोड़ों रुपये की कई अचल संपत्तियां अर्जित कीं। ईडी ने उसके राजपुर रोड स्थित बंगले और कारों को जब्त कर लिया।
पहले भी हो चुकी है 4.56 करोड़ की कुर्की, आरोपित जेल में
यह इस मामले में ईडी की पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले एजेंसी हेमंत शर्मा की 4.56 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां भी कुर्क कर चुकी है। हेमंत शर्मा को ईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह वर्तमान में सुद्धोवाला जेल, देहरादून में बंद है।
ईडी ने 20 मई 2026 को विशेष पीएमएलए अदालत, देहरादून में अभियोजन शिकायत दाखिल की थी, जिस पर अदालत ने 13 जुलाई 2026 को संज्ञान ले लिया। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी नई कार्रवाई संभव है।