देहरादून में स्वाइन फ्लू H1N1 के आठ नए मरीज मिले: 67 पहुंची संक्रमितों की संख्या, बच्चों-बुजुर्गों का रखें खास ध्यान
स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने, लक्षणों पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है।

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
देहरादून में स्वाइन फ्लू के आठ नए मामले सामने आए
कुल 21 मरीज अस्पतालों में उपचाराधीन, 41 स्वस्थ हुए
विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने और टीकाकरण की सलाह दी
जागरण संवाददाता, देहरादून। जिले में जिले में स्वाइन फ्लू (एच1एन1,इन्फ्लूएंजा) के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को 25 सैंपल की जांच में आठ लोगों में एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें संक्रमित निजी अस्पताल में भर्ती हैं। संक्रमितों में दो देहरादून के और छह अन्य जिलों के हैं। वहीं, एक मरीज स्वस्थ हुआ है। इस दिन किसी मरीज की मौत नहीं हुई।
चिकित्सकों ने विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
25 सैंपल में आठ की रिपोर्ट पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक एच1एन1 के लिए 173 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें 67 की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। इनमें 43 देहरादून और 24 अन्य जिलों के मरीज हैं। 41 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 21 मरीज अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। अब तक पांच मौत दर्ज की गई हैं, जिनकी मौत आडिट के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
कोविड के छह सैंपल, कोई नया मरीज नहीं
कोविड के छह सैंपल लिए गए, लेकिन किसी की रिपोर्ट पाजिटिव नहीं आई। अब तक 116 सैंपल में 18 संक्रमित मिले हैं। 15 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और तीन अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने लोगों से अपील की कि सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार अथवा सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर लापरवाही न बरतें और चिकित्सकीय सलाह लें।
सीएमओ ने विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने तथा संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी।
एच1एन1 से बचाव के लिए सावधानी जरूरी, लक्षण बिगड़ने पर तुरंत डाक्टर से लें सलाह
जागरण संवाददाता, देहरादून: एच1एन1 और मौसमी फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना है कि फ्लू से बचाव के लिए सावधानी और समय पर उपचार बेहद जरूरी है। विशेष रूप से बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
कमजोर प्रतिरक्षा वाले मरीज बरतें विशेष सावधानी
श्रीमहंत इन्दिरेश अस्पताल के वरिष्ठ पल्मोनोलाजिस्ट और स्वाइन फ्लू के नोडल अधिकारी प्रो. डॉक्टर जगदीश रावत ने बताया कि एच1एन1 से बचाव के लिए हर वर्ष डॉक्टर की सलाह से फ्लू का टीका लगवाना चाहिए। उन्होंने साबुन-पानी से 20 सेकंड तक हाथ धोने अथवा सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने, खांसते-छींकते समय मुंह ढकने और आंख, नाक व मुंह को गंदे हाथों से न छूने की सलाह दी।
बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती और हृदय, किडनी, फेफड़े, लिवर, कैंसर अथवा कमजोर प्रतिरक्षा वाले मरीज विशेष सावधानी बरतें। लक्षण दिखने पर खुद दवा न लें और 48 घंटे के भीतर चिकित्सक से जांच कराएं।
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डॉक्टर की सलाह न लें एंटीबायोटिक
मैक्स अस्पताल के पल्मोनोलाजिस्ट डॉ. वैभव चाचरा ने बताया कि एच1एन1 व मौसमी फ्लू से बचाव के लिए वार्षिक फ्लू वैक्सीनेशन महत्वपूर्ण है। फ्लू वायरल संक्रमण है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक न लें। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और अस्थमा, मधुमेह जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बीमार होने पर घर पर रहें और बच्चों व बुजुर्गों से निकट संपर्क से बचें। भीड़भाड़ या कम वेंटिलेशन वाली जगहों पर मास्क पहनें। हाथ नियमित रूप से धोएं और चेहरे को छूने से बचें।
