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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उत्तराखंड के पूर्व सीएस समेत पांच अफसरों पर आयकर की नजर

    By BhanuEdited By:
    Updated: Thu, 15 Mar 2018 11:35 AM (IST)

    उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव सहित पांच अफसरों के खातों पर आयकर विभाग की पैनी नजर है। इन सभी को आयकर विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। इससे अफसरों में खलबल ...और पढ़ें

    उत्तराखंड के पूर्व सीएस समेत पांच अफसरों पर आयकर की नजर
    उत्तराखंड के पूर्व सीएस समेत पांच अफसरों पर आयकर की नजर

    देहरादून, [जेएनएन]: पूर्व मुख्य सचिव, दो वर्तमान आइएएस समेत पांच वरिष्ठ अफसरों पर आयकर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इन सभी को आयकर विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई बीते वर्ष अप्रैल माह में उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) के तत्कालीन महाप्रबंधक एसए शर्मा व एक ठेकेदार पर की गई आयकर छापेमारी के क्रम में की गई है। आयकर की कार्रवाई के बाद आइएएस अधिकारियों में खलबली की स्थिति है और कई अधिकारी आयकर अफसरों से संपर्क भी कर रहे हैं। 

    आयकर विभाग की अब तक की जांच में इन अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। इन अधिकारियों के नाम यूपीआरएनएन के ठेकेदार की फर्म में किसी न किसी रूप में पाए गए। आयकर सूत्रों के अनुसार, उत्तराखंड शासन के एक आइएएस अधिकारी का बड़ा निवेश संबंधित ठेकेदार की फर्म में पाया गया। 

    इसी तरह अन्य अधिकारियों के नाम भी यूपीआरएनएन जीएम व ठेकेदार के ठिकानों से जब्त किए गए दस्तावेजों में पाए गए हैं। आयकर विभाग ने नोटिस जारी करने के साथ ही संबंधित अफसरों व उनके परिजनों के रिटर्न भी खंगालने शुरू कर दिए हैं। विशेषकर नोटबंदी के दौरान खातों में जमा कराई गई रकम का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। 

    कमीशन की राशि का किया जा रहा था निवेश

    आयकर की छानबीन में यह बात सामने आई कि एक आइएएस अधिकारी यूपीआरएनएन के ठेकेदार की फर्म में नियमित रूप से निवेश कर रहे थे। इसके लिए वह विभाग के काम कराने की एवज में मोटा कमीशन लेते थे और इसी राशि का निवेश भी कर रहे थे। 

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    हालांकि जिस विभाग में उन्हें कमीशन मिलता था, उसकी जिम्मेदारी उनके पास अब नहीं है। इस जिम्मेदारी के हटने की वजह भी आयकर की जांच को ही माना जा रहा है।

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