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Bear Attack: उत्तराखंड में भालू के डर से परिवार ने छोड़ा गांव, सुरक्षा देगा वन विभाग

Published: Thu, 22 Jan 2026 10:30 AM (IST)

पौड़ी के बस्ताग गांव में भालू के आतंक से एक परिवार ने गांव छोड़ दिया। भालू ने उनके छह मवेशियों ...और पढ़ें

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HighLights

  1. भालू के डर से पौड़ी के बस्ताग गांव से पलायन।

  2. भालू ने परिवार के छह मवेशियों को मार डाला।

  3. वन विभाग सुरक्षा और तत्काल मुआवजा प्रदान करेगा।

//B-वन विभाग के मुखिया ने प्रभावित परिवार को भालू के हमले में मृत मवेशियों का शीघ्र मुआवजा देने के दिए निर्देश//B

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//Bराज्य ब्यूरो, जागरण //B

//Bदेहरादून://B वन्यजीवों के आतंक के चलते लोग अब गांव छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। पौड़ी जिले के पोखड़ा विकासखंड की ग्रामसभा पणिया का तोक गांव बस्ताग इसका उदाहरण है। प्रवासन का दंश झेल रहे इस गांव में निवासरत एकमात्र परिवार ने भी इसलिए गांव को अलविदा कह दिया, क्योंकि भालू ने उसकी आर्थिकी की रीढ़ ही तोड़ दी। यद्यपि, वन विभाग को अब इस परिवार की मनोदशा का अहसास हुआ है। वन विभाग के मुखिया प्रमुख मुख्य वन संरक्षक आरके मिश्र ने गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ को निर्देश दिए हैं कि इस परिवार को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए। साथ ही उसे भालू द्वारा मारे गए सभी छह मवेशियों का मुआवजा तत्काल दिया जाए।

बस्ताग गांव भी भालू के हमलों की दृष्टि से संवेदनशील है। इस गांव के परिवार अन्यत्र बस चुके हैं, जबकि वहां हरीश प्रसाद नौटियाल ही परिवार समेत रह रहे थे। सप्ताहभर के भीतर भालू ने उनकी आजीविका के मुख्य साधन दुधारू गाय, बैलों की जोड़ी व बकरियों को मार डाला। साथ ही भालू उनके घर आंगन तक में धमकने लगा। इन सब परिस्थितियों के चलते इस परिवार ने पड़ोस के गांव में एक घर में शरण ली है। साथ ही आजीविका का अन्य कोई साधन न होने से इस परिवार के समक्ष तमाम चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं।

इस गांव के पूरी तरह खाली होने से राज्य में निर्जन हो चुके गांवों की संख्या बढ़कर 1727 हो गई है। इस परिदृश्य में गांवों का ऐसे खाली होना किसी भी दशा में उचित नहीं कहा जा सकता। राज्य में चुनौती बन चुके वन्यजीवों के हमले थामने के लिए नए सिरे से रणनीति बनाकर इसे धरातल पर उतारना होगा। ऐसे प्रयासों की दरकार है, जिससे जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रहें।

उधर, वन विभाग के मुखिया आरके मिश्र ने बताया कि बस्ताग गांव छोड़ने वाले परिवार को गांव वापसी के लिए आग्रह किया जाएगा। साथ ही परिवार को विभाग की ओर से सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। परिवार को शीघ्र ही मवेशियों का मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष के न्यूनीकरण के दृष्टिगत हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।

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