यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Dehradun Lockdown: दून के बाजार में आटे का संकट लगभग खत्म
दून में लगातार आटे की आवक बढ़ने से बाजार से आटे का संकट खत्म होता दिख रहा है। आवक बढ़ने से स्टॉक भी सामान्य होने लगा है। इससे कालाबाजारी पर भी लगाम लग रही है।

देहरादून, जेएनएन। दून में लगातार आटे की आवक बढ़ने से बाजार से आटे का संकट खत्म होता दिख रहा है। आवक बढ़ने से स्टॉक भी सामान्य होने लगा है। इससे कालाबाजारी पर भी लगाम लग रही है। इसके अलावा चावल, दाल, खाद्य तेल समेत अन्य आवश्यक चीजों की आवक भी बढ़ गई है। आवक के सापेक्ष बाजार में अब खपत भी काफी कम हो गई है।
देहरादून में खाद्य पदार्थों की आवक में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं लॉकडाउन की शुरुआत के हिसाब से खाद्य पदार्थों की खपत भी लगातार घटती जा रही है। इससे बाजार में खाद्य पदार्थों का स्टॉक संतुलित हो रहा है। राशन को लेकर हो रही मारामारी घटने से कालाबाजारी पर भी लगाम लगने लगी है।
चावल, दाल, खाद्य तेल समेत अन्य आवश्यक राशन अब बाजार में प्रचुर मात्र में उपलब्ध हो गया है। दून मंडी में रोजाना करीब 700 कुंतल आटे की आवक हो रही है। जिला आपूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी ने बताया कि आढ़त बाजार मंडी में अनिवार्य राशन पर्याप्त मात्रा में है। बाहरी मंडियों से भी हर दिन राशन की खेप पहुंच रही है। इसके अलावा देहरादून की आटा मिलों से भी उचित दामों पर आटा मुहैया हो रहा है। इससे बाजार में संतुलन आ गया है। उन्होंने लोगों से बिना वजह राशन स्टॉक न करने की अपील की है।
रसोई गैस का भी पर्याप्त स्टॉक
देहरादून में रसोई गैस सिलेंडर की गाड़ियां भी नियमित तौर पर आ रही हैं। हर एजेंसी को 600 से लेकर 1500 सिलेंडर नियमित उपलब्ध हो रहे हैं। जिला पूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी ने बताया कि शनिवार को दून में 18988 सिलेंडर लोगों को उपलब्ध करवाए गए। बताया कि आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल तीनों कंपनियों को मिलाकर अभी 23,208 सिलेंडरों का स्टॉक दून में मौजूद है।
यह भी पढ़ें: Uttarakhand Lockdown: बाजार में आटे की कमी से निपटने को एफसीआइ देगा गेहूं
देहरादून मंडी में गेहूं की उपलब्धता
-श्री गणोश फलोर मिल में 5766 कुंतल
-श्री गंगा किशन एंड संस में 80 कुंतल
-मैं सदा राम साधु राम में 290 कुंतल
-मैं बाबू राम राम किशन में 145 कुंतल
-मैं ओमप्रकाश जसवंत राय में 58 कुंतल
-मैं फूलचंद हर्ष कुमार में 22 कुंतल
यह भी पढ़ें: कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने अफसरों को दिए राशन बांटने की रणनीति बनाने के निर्देश

