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    उत्तराखंड में जंगल की आग रोकथाम पर सख्ती, सीएम धामी ने 1000 वन रक्षकों की भर्ती के निर्देश दिए

    Updated: Fri, 22 May 2026 11:09 PM (IST)

    मुख्यमंत्री धामी ने वनों में आग नियंत्रण, पेयजल, स्वास्थ्य और मानसून तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने 1,000 वन रक्षकों की नई नियुक्तियों और अग्नि निय ...और पढ़ें

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

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    राज्य ब्यूरो, देहरादून। जंगलों में अग्नि नियंत्रण को सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि वन संपदा को क्षति पहुंचाने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के साथ ही अग्नि नियंत्रण को रिस्पांस टाइम न्यूनतम रखा जाए।

    साथ ही कहा कि आग की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचना सुनिश्चित करें।

    उन्होंने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में वनों में अग्नि नियंत्रण, पेयजल, स्वास्थ्य व मानसून की तैयारियों की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए।

    साथ ही वन रक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता के दृष्टिगत 1,000 नई नियुक्तियां करने के निर्देश भी वन विभाग को दिए।

    मुख्यमंत्री ने ग्राम वनाग्नि प्रबंधन समितियों और वन पंचायतों को वनों में आग की रोकथाम को आवश्यक बजट उपलब्ध कराने को कहा। इस बात पर भी जोर दिया कि अग्नि नियंत्रण को शीतलाखेत माडल राज्यभर में लागू किया जाए।

    उन्होंने फायर लाइनों के आसपास छोटी-छोटी जल तलैया बनाने, अग्नि नियंत्रण को ठोस कार्ययोजना तैयार करने, आग बुझाने के लिए कार्मिकों को पर्याप्त उपकरण उपलब्ध कराने, मोबाइल अलर्ट प्रणाली के जरिये सूचना तत्काल उपलब्ध कराने और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के दृष्टिगत प्रत्येक वन प्रभाग में पशु चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

    पानी, बिजली की आपूर्ति रहे निर्बाध

    मुख्यमंत्री ने ग्रीष्मकाल में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल टैंकरों की उपलब्धता रखने और क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को सुचारू करने पर बल दिया।

    आमजन को पेयजल के लिए कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने तीर्थाटन व पर्यटन स्थलों में भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही निर्बाध विद्युत आपूर्ति और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने को अधिक प्रभावी प्रयास करने को कहा।

    प्रभारी सचिव करेंगे स्थलीय निरीक्षण

    मानसून सीजन के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए।

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    अस्पतालों का फायर सेफ्टी आडिट कराएं

    स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों का फायर सेफ्टी आडिट अनिवार्य रूप से कराने को कहा। साथ ही साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।

    उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का डाटा सुरक्षित रखा जाए। मानसून काल में उन्हें अस्पतालों तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले जिन श्रद्धालुओं को स्क्रीनिंग टेस्ट में स्वास्थ्य की दृष्टि से फिट नहीं पाया जा रहा है, उन्हें यात्रा न करने को प्रेरित किया जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सकुशल यात्रा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, डा आर मीनाक्षी सुंदरम, पीसीसीएफ रंजन मिश्रा, सचिव सचिन कुर्वे, सी रविशंकर, रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव डा पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे।

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