Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 15, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उत्तराखंड के चार पूर्व मुख्यमंत्रियों ने खाली किए आवास

    By BhanuEdited By:
    Updated: Thu, 16 Feb 2017 05:00 AM (IST)

    हाईकोर्ट के निर्देशों के क्रम में चार पूर्व मुख्यमंत्रियों ने अपने सरकारी आवास खाली कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने अभी सरकारी आवास खाली ...और पढ़ें

    उत्तराखंड के चार पूर्व मुख्यमंत्रियों ने खाली किए आवास
    उत्तराखंड के चार पूर्व मुख्यमंत्रियों ने खाली किए आवास

    देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: हाईकोर्ट के निर्देशों के क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के अलावा शेष सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों ने अपने सरकारी आवास खाली कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने भी अपना आवास खाली कर दिया।

    प्रदेश के चारों पूर्व मुख्यमंत्रियों में से केवल विजय बहुगुणा ही ऐसे हैं, जिन्होंने अपने आवास का पूरा किराया भी जमा किया है। शेष मुख्यमंत्रियों ने फिलहाल आवास का किराया जमा नहीं किया है।

    हाईकोर्ट ने बीते वर्ष एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सूबे के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को 15 फरवरी तक सरकारी आवास खाली करने के निर्देश दिए थे। इस कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, भुवन चंद्र खंडूड़ी और रमेश पोखरियाल निशंक ने देहरादून में अपने सरकारी आवास खाली कर दिए थे।

    यह भी पढ़ें: बोले एनडी, ठंड लग रही है; इसलिए सरकारी घर नहीं छोड़ सका

    हालांकि, विजय बहुगुणा और नारायण दत्त तिवारी अपने आवासों पर जमे हुए थे, लेकिन गत दोपहर विजय बहुगुणा ने भी अपना आवास खाली कर दिया। अभी इसकी सूचना राज्य संपत्ति विभाग को नहीं मिली है।

    वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने मंगलवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इसके लिए कुछ और दिनों की मोहलत मांगी है।

    पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को छोड़ किसी पूर्व मुख्यमंत्री ने आवास का किराया भी जमा नहीं किया है।

    अपर सचिव राज्य संपत्ति विभाग विनय शंकर पांडे का कहना है कि अभी नारायण दत्त तिवारी और विजय बहुगुणा के आवास खाली नहीं हुए हैं, लेकिन कुछ दिनों पूर्व वे निर्धारित तिथि तक आवास खाली करने की बात कह चुके हैं।

    उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों में से केवल एक ने ही किराया जमा किया है। जल्द ही इस मामले की हाईकोर्ट में तारीख है। शासन की ओर से चीफ स्टैंडिंग काउंसिल को सभी सूचनाएं भेज दी गई हैं।

    यह भी पढ़ें: पूर्व सीएम एवं सांसद निशंक ने भी खाली किया सरकारी आवास