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    ऋषिकेश में विकराल हुई गंगा, पानी चेतावनी निशान के पार; कई घाट डूबे

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 05:09 PM (IST)

    ऋषिकेश में गंगा नदी चेतावनी निशान (339.50 मीटर) को पार कर 339.70 मीटर पर बह रही है, जिससे घाट जलमग्न हो गए हैं। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. गंगा नदी ऋषिकेश में चेतावनी निशान से ऊपर बह रही

    2. लगातार बारिश से सहायक नदियां उफान पर, घाट जलमग्न

    3. मुख्य सचिव ने 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए

    जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। ऋषिकेश में गंगा चेतावनी निशान को पार कर गई है। गंगा का जल स्तर 339.70 मीटर पहुंच गया है। चेतावनी निशान 339.50 मीटर पर है।

    लगातार हो रही वर्षा के बाद गंगा की सहायक नदियां उफान पर है। इससे गंगा का जल स्तर बढ़ गया है। गंगा घाट जल मग्न हो गए हैं। स्वर्गाश्रम से लेकर मुनिकीरेती और त्रिवेणी घाट तक पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

    अफसरों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश

    देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा तथा बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनजीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करें।

    मुख्य सचिव ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन से राज्यभर में वर्षा की स्थिति, नदियों के जलस्तर, बंद सड़कों, भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति, संचार व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली।

    उन्होंने विभिन्न जिलों में हुई वर्षा, संभावित मौसम पूर्वानुमान तथा आगामी दिनों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को सभी जनपदों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान उन्होंने विभिन्न जिलाधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर उनके जनपदों की स्थिति की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए तथा भूस्खलन संभावित एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मशीनरी पहले से तैनात रखी जाए। जलभराव वाले क्षेत्रों में जलनिकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ पंप एवं अन्य आवश्यक उपकरण भी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहें।

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    अंतिम छोर तक समय पर पहुंचे मौसम संबंधी अलर्ट

    देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिए कि मौसम संबंधी सभी चेतावनियां और अलर्ट अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक भी समय पर पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना ही लोगों को सुरक्षित निर्णय लेने का अवसर देती है, इसलिए सूचना प्रसारण में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

    उन्होंने राज्य स्तर से लेकर जनपद, ब्लॉक, तहसील और ग्राम स्तर तक सूचना प्रसारण तंत्र को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक नागरिक तक समयबद्ध एवं विश्वसनीय चेतावनी पहुंच सके और संभावित आपदाओं के दौरान जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।

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