ऋषिकेश में चेतावनी निशान के पार गंगा, त्रिवेणी घाट के दो प्लेटफॉर्म डूबे; प्रशासन अलर्ट पर
पहाड़ों में लगातार बारिश के कारण ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान (339.50 मीटर) के पार पहुंच गया, जिससे त्रिवेणी घाट के दो प्लेटफॉर्म जलमग्न हो ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। पहाड़ों में लगातार हो रही वर्षा के बाद ऋषिकेश में गंगा का जल स्तर चेतावनी रेखा के पार पहुंच गया। त्रिवेणी घाट के तीन प्लेटफार्म में से दो जलमग्न हो गए। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, शाम तक जल स्तर चेतावनी निशान से नीचे आ गया था।
मानसून के इस सीजन में गंगा कई बार चेतावनी निशान के पास पहुंची, लेकिन शुक्रवार को पहली बार गंगा ने चेतावनी निशान को पार किया। गंगा में चेतावनी का निशान 339.50 मीटर पर है। खतरे का निशान 340.50 मीटर पर है। दोपहर करीब बारह बजे से जल स्तर बढ़ना शुरू हुआ।
गंगा तटों पर पहुंच रहे कांवड़ यात्री
एक बजे के आसपास जल स्तर 339.70 मीटर पर पहुंच गया था। त्रिवेणी घाट पर तीन प्लेटफार्म में से दो जलमग्न हो गए। गंगा का जल स्तर बढ़ने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम भी सक्रिय रही। इन दिनों कांवड़ यात्रा भी चल रही है। गंगा तटों पर कांवड़ यात्री पहुंच रहे हैं।
इसे देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। जल पुलिस की ओर से लगातार लोगों को सतर्क किया जाता रहा। उन्हें खतरे वाले स्थानों से दूर रहने को कहा गया। हालांकि, शाम होने तक गंगा का जल स्तर कम होना शुरू हो गया था। शाम करीब छह बजे स्तर 339.47 मीटर पर था।
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उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी ने बताया कि मानसून सीजन को देखते हुए गंगा तटीय क्षेत्रों में पहले से सतर्कता बरती जा रही है। लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
दिन भर बदलता रहा मौमस
तीर्थनगरी में दिन भर मौसम बदलता रहा। सुबह से बादल छाए रहे। बीच में हल्की धूप निकली। उसके बाद फिर बादल छा गए। दोपहर करीब दो बजे घने बादल छाने के बाद कुछ देर के लिए रिमझिम वर्षा हुई। बाद में मौसम फिर साफ हो गया। पिछले कुछ दिनों से तीर्थनगरी में मौसम का मिजाज इसी तरह का बना हुआ है। कभी धूप, कभी बादल तो कभी वर्षा हो रही है।
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