इंदौर की घटना के बाद उत्तराखंड शासन भी सतर्क, अब राज्य में पेयजल लाइनों का होगा आडिट
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद उत्तराखंड सरकार सतर्क हो गई है। पेयजल सचिव ने राज्य की सभी पेयजल लाइनों का ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं। जल स ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
इंदौर घटना के बाद उत्तराखंड सरकार हुई सतर्क।
राज्य की सभी पेयजल लाइनों का होगा आडिट।
पुरानी लाइनों, लीकेज और क्लोरीनेशन पर विशेष ध्यान।
राज्य ब्यूरो, जागरण देहरादून: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने के कारण हुई दुखद घटना के बाद उत्तराखंड शासन भी सतर्क हो गया है। इसके तहत अब राज्य की सभी पेयजल लाइनों का आडिट किया जाएगा। राज्य में स्वच्छ जलापूर्ति के दृष्टिगत पेयजल सचिव शैलेश बगोली ने उत्तराखंड जल संस्थान और पेयजल निगम को इसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
प्रदेश के विभिन्न शहरों में भी जलापूर्ति करने वाली पेयजल लाइनें काफी पुरानी हैं। कई स्थानों पर पेयजल लाइनें नालियों के पास से गुजर रही हैं तो कुछ स्थानों पर सीवर लाइन के नजदीक। यही नहीं, पूर्व में कई शहरों में दूषित जलापूर्ति की शिकायतें भी आती रही हैं। वह भी विशेष रूप से वर्षाकाल के दिनों में।
इस बीच इंदौर में दूषित पानी पीने से 10 से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु की घटना के बाद राज्य सरकार सतर्क हुई है। इसी क्रम में पेयजल सचिव ने जल संस्थान और पेयजल निगम को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
पेयजल सचिव बगोली के अनुसार जल संस्थान और पेयजल निगम को निर्देश दिए गए हैं कि वे पुरानी और जर्जर पेयजल लाइनों का तत्काल निरीक्षण करें। खासतौर पर उन स्थानों पर जहां पेयजल लाइनें नालियों अथवा सीवर लाइन के नजदीक हैं। यह देखा जाए कि पेयजल लाइनों में किसी प्रकार की लीकेज न हो। यदि कहीं ऐसा है तो उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए।
उन्होंने पानी की सभी टंकियों की शिड्यूल के अनुरूप सफाई कराने और टंकियों व सप्लाई नेटवर्क में क्लोरीनेशन कराने को कहा है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को भी कहा है कि क्लोरीनेशन हेड से टेल तक हो। पेयजल सचिव ने पानी की गुणवत्ता की नियमित रूप से जांच कराने के निर्देश भी दिए हैं। पेयजल सचिव ने जल संस्थान व पेयजल निगम को आमजन की पेयजल से जुड़ी शिकायतों का तत्काल समाधान करने को भी कहा है।