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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 10, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सकल पर्यावरण उत्पाद को मुख्यधारा में लाने के प्रयास करेगा आइबीएम

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Sun, 10 Mar 2019 10:22 AM (IST)

    आइबीएम के उपाध्यक्ष जीन क्रिस्टोफर ने हेस्को के प्रयास के बाद मुहिम के रूप में खड़े हुए सकल पर्यावरण उत्पाद को मुख्यधारा में लाने के लिए सहयोग देने की ...और पढ़ें

    सकल पर्यावरण उत्पाद को मुख्यधारा में लाने के प्रयास करेगा आइबीएम
    सकल पर्यावरण उत्पाद को मुख्यधारा में लाने के प्रयास करेगा आइबीएम

    देहरादून, जेएनएन। इंटरनेशनल बिजनेस मशींस कॉपरेरेशन (आइबीएम) के उपाध्यक्ष जीन क्रिस्टोफर ने हेस्को के प्रयास के बाद मुहिम के रूप में खड़े हुए सकल पर्यावरण उत्पाद (जीईपी) को मुख्यधारा में लाने के लिए सहयोग देने की बात कही।

    शनिवार को आइबीएम उपाध्यक्ष जीन क्रिस्टोफर ने हेस्को का दौरा कर यहां की विभिन्न तकनीक का अवलोकन किया। उन्होंने उन्नत घराट, पायरोलाइजर, रूरल गीजर, लो कॉस्ट सोलर ड्रॉयर, बायो गैस, लो कॉस्ट वाटर फिल्टर, दक्ष चूल्हा, वर्मी कम्पोस्ट, फ्रूट प्रोसेसिंग, मशरूम कल्टीवेशन आदि के बारे में जानकारी लेकर खुशी व्यक्त की। इसके साथ ही उन्होंने रिवर रिचार्जिंग व लो कॉस्ट ब्रिज के प्रयोग पर काफी रुचि दिखाते हुए यहां की तकनीक पर आगे के काम के लिए सहयोग करने की भी बात कही। 

    इसके साथ ही क्रिस्टोफर ने हेस्को के ग्रामोन्मुखी कायरें की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने स्थानीय समुदायों को बेहतर ढंग से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि हेस्को ने जिस तरह से आम लोगों को विज्ञान से जोड़ा है, इस तरह के प्रयास दुनियाभर के देशों में और खास तौर पर अफ्रीका में किए जाने चाहिए। वहीं, हेस्को के संस्थापक पद्मश्री डॉ. अनिल जोशी ने आइबीएम उपाध्यक्ष से अनुरोध किया कि वह आइबीएम के तंत्र को हेस्को की योजनाओं से जोड़कर सामाजिक कायरें को गति प्रदान करने में सहयोग करें।

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