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    देहरादून में आइसीएसई-आइएससी परिणाम में मेधावियों ने हासिल किए शानदार अंक, करियर की ओर बढ़ाया कदम

    Updated: Thu, 30 Apr 2026 08:55 PM (IST)

    देहरादून में ICSE और ISC के परिणाम घोषित होने के बाद मेधावी छात्र-छात्राएं अपने भविष्य के लक्ष्य तय करने में जुट गए हैं। ...और पढ़ें

    आइएससी का परिणाम जारी होने के बाद सेंट जोजफ्स स्कूल के छात्र-छात्राएं खुशी मनाते हुए। जागरण

    आइएससी का परिणाम जारी होने के बाद सेंट जोजफ्स स्कूल के छात्र-छात्राएं खुशी मनाते हुए। जागरण

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। आइसीएसई व आइएससी के परिणाम घोषित होते ही दून के मेधावियों ने अपने सपनों को नई दिशा देनी शुरू कर दी है। शानदार अंक हासिल करने के बाद अब छात्र-छात्राएं करियर की राह तय करने में जुट गए हैं।

    किसी का लक्ष्य इंजीनियर बनना है तो कोई डाक्टर बनने की तैयारी में जुटा है। बेहतर परिणाम के साथ ही छात्रों ने अपने-अपने भविष्य का खाका भी साफ करना शुरू कर दिया है।

    डालनवाला निवासी ब्राइटलैंड्स स्कूल के छात्र एकाग्र कक्कड़ ने 10वीं में 98.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनके पिता ईश कक्कड़ स्कूल में ही गणित के शिक्षक हैं, जबकि माता कविता गृहिणी हैं।

    एकाग्र जेईई की तैयारी कर रहे हैं और साथ ही मर्चेंट नेवी में भी करियर बनाने का लक्ष्य रखते हैं। वसंत विहार निवासी अर्जुन सिंघल ने 12वीं में 98.25 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उनके पिता रजत सिंघल मार्बल व्यवसाय से जुड़े हैं।

    अर्जुन सिंगापुर से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना चाहते हैं और इसके लिए तैयारी कर रहे हैं। इसी स्कूल के ओजस मदान ने 97.27 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनकी माता रागिनी मदान शिक्षिका हैं, जबकि पिता डा. विनीत भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद में डिप्टी डायरेक्टर जनरल हैं।

    ओजस इंजीनियरिंग की तैयारी में जुटे हैं और परिवार से प्रेरणा ले रहे हैं। सेंट जोजेफ्स एकेडमी की छात्रा अनुष्का कोटनाला ने 99.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल टापर बनने का गौरव हासिल किया है। वह डाक्टर बनना चाहती हैं और नीट परीक्षा की तैयारी कर रही हैं।

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    वहीं, 98.75 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली कनुप्रिया सेठी और 99.25 प्रतिशत अंक लाईं सिया महेश्वरी भी इंजीनियरिंग क्षेत्र में करियर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। वहीं, राजा राम मोहन राय एकेडमी की छात्रा स्वास्तिका रती शर्मा ने 98.75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।

    वह इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करना चाहती हैं और जेईई मेन में 93 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं। सुभाषनगर निवासी ए. परमेक्षु नवानी ने 97.75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।

    उन्होंने जेईई मेन में 91 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं और भविष्य में मैकेनिकल इंजीनियर बनने का लक्ष्य तय किया है। मेधावियों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों और अभिभावकों को दिया।

    उनका कहना है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही उन्हें अपने-अपने आसमान तक पहुंचाने में मदद करेगी।

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