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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    आखिर क्यों जांच के घेरे में आर्इ एफआरआइ की भर्ती परीक्षा, जानिए

    By Raksha PanthariEdited By:
    Updated: Tue, 02 Oct 2018 03:37 PM (IST)

    फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट की भर्ती परीक्षा अब जांच के घेरे में आ गर्इ है। जबलपुर में आयोजित परीक्षा में हरियाणा के आठ अभ्यर्थी नकल करते पकड़े गए थे। ...और पढ़ें

    आखिर क्यों जांच के घेरे में आर्इ एफआरआइ की भर्ती परीक्षा, जानिए
    आखिर क्यों जांच के घेरे में आर्इ एफआरआइ की भर्ती परीक्षा, जानिए

    देहरादून, [सुमन सेमवाल]: देश के चोटी के वानिकी अनुसंधान संस्थान एफआरआइ की भर्ती परीक्षा जांच के घेरे में आ गई है। जबलपुर में ट्रॉपिकल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (टीएफआरआइ) में 30 सितंबर को आयोजित भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिये हरियाणा के आठ अभ्यर्थी नकल करते पकड़े गए थे। साथ ही पता चला कि हरियाणा का गिरोह इन्हें नकल करा रहा था। दूसरी तरफ इससे पहले 29 जुलाई को एफआरआइ की भर्ती परीक्षा में भी बड़ी संख्या में हरियाणा के अभ्यर्थियों के शामिल होने से यहां की परीक्षा पर सवाल खड़े हो गए थे। इसे देखते हुए एफआरआइ की निदेशक डॉ. सविता ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। 

    देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) की निदेशक डॉ. सविता के मुताबिक 29 जुलाई को देश के 16 केंद्रों पर 120 पदों के सापेक्ष परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में करीब 34 हजार अभ्यर्थियों ने शिरकत की। गंभीर यह कि परीक्षा में चार छात्र ब्लूटूथ डिवाइस से नकल करते हुए पकड़े गए थे। उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया था। तब पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। हालांकि जबलपुर में नकल गिरोह पकड़े जाने के बाद संस्थान की कंप्लेन सेल को प्रकरण की जांच के लिए भेज दिया गया है। लिखित परीक्षा के बाद ट्रेड टेस्ट आयोजित किए जा रहे हैं। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, रिजल्ट घोषित नहीं किए जाएंगे। 

    इन पदों की परीक्षा पर सवाल 

    लोअर डिविजन क्लर्क, लैब टेक्निशियन, टेक्निकल असिस्टेंट, मल्टी टास्किंग सर्विस आदि। 

    प्रश्नपत्र में नहीं थे कोड 

    एफआरआइ की विभिन्न पदों की भर्ती परीक्षा में जो प्रश्न पत्र दिए गए, उनमें कोड नहीं थे। जबकि, इस तरह की परीक्षाओं में कोडिंग की जाती है। इस लिहाज से देखें तो सभी को असमान्य रूप से एक ही प्रश्न पत्र दिए गए। इस बात से भी सवाल और गहरे हो जाते हैं। 

    कुछ अभ्यर्थियों के सफल होने की जानकारी वायरल

    प्रकरण में ऐसी बात भी सामने आ रही है कि परीक्षा के बाद कुछ अभ्यर्थियों के नाम व्हाट्सएप पर शेयर कर दिए गए थे कि इनका चयन किया जा रहा है और इनके कागजात का वेरिफिकेशन शुरू हो गया है। 

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    प्रश्न पत्रों में थीं त्रुटियां

    एफआरआइ की परीक्षा के प्रश्न पत्रों में कई तरह की त्रुटियां भी थीं। हालांकि इनमें सुधार की बात नहीं की गई। परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों में एक परीक्षक ने इतना बताया कि इन प्रश्नों का गलत उत्तर लिखने पर भी नंबर प्राप्त हो जाएंगे।   

    तीन नाम पाए गए समान

    जबलपुर में जिन अभ्यर्थियों को नकल करते हुए पकड़ा गया, उनमें तीन नाम ऐसे पाए गए, जो एफआरआइ की परीक्षा देने वालों में भी शामिल थे। यह वहीं अभ्यर्थी हैं या दूसरे इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा। 

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