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    जनवरी की 'गर्मी' में पिघल रही बर्फबारी की उम्मीद, 16 साल बाद सबसे गर्म गुजर रहा यह महीना

    Updated: Wed, 21 Jan 2026 12:47 AM (IST)

    उत्तराखंड में जनवरी का महीना पिछले 16 वर्षों में सबसे गर्म रहा है, जिससे शीतकाल में ही गर्मी का अहसास हो रहा है। वर्षा और बर्फबारी न होने से तापमान सा ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    HighLights

    1. उत्तराखंड में 16 साल का सबसे गर्म जनवरी महीना।

    2. वर्षा-बर्फबारी न होने से तापमान सामान्य से अधिक।

    3. खेती, जल स्रोतों और स्वास्थ्य पर गंभीर चिंताएं।

    विजय जोशी, जागरण देहरादून। उत्तराखंड में इस बार जनवरी का महीना पिछले 16 वर्षों में सबसे गर्म साबित हो रहा है। शीतकाल के बीच वर्षा और बर्फबारी न होने के कारण जनवरी के दूसरे पखवाड़े में ही गर्मी का अहसास होने लगा है।

    पहाड़ से मैदान तक लगातार शुष्क मौसम बना हुआ है, जिससे तापमान सामान्य से कहीं अधिक दर्ज किया जा रहा है। दिन में चटख धूप खिलने और पारे में तेज उछाल ने मौसम की तल्खी बढ़ा दी है।

    मौसम का यह रूप खेती एवं बागवानी के साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा नहीं माना जा रहा है।

    राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है। इन दिनों दून का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जबकि सामान्य तौर पर जनवरी में यह 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहता है।

    इससे पहले वर्ष 2009 में ही जनवरी के मध्य में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया था। इस वर्ष जनवरी की शुरुआत से ही तापमान लगातार सामान्य से अधिक बना हुआ है।

    चिंताजनक पहलू यह भी है कि पूरे जनवरी में अब तक एक बूंद भी वर्षा नहीं हुई है। वर्ष 2024 के बाद यह दूसरी बार है, जब जनवरी पूरी तरह सूखी रही है। वहीं, ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के लिहाज से भी यह वर्ष बेहद कमजोर साबित हुआ है।

    बीते 16 वर्षों में इस बार सबसे कम बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे जल स्रोतों और आने वाले महीनों की जल आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ने लगी है।

    सेहत पर भारी न पड़ जाए पारे का उतार-चढ़ाव

    राजकीय दून मेडिकल कालेज अस्पताल के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. विवेकानंद सत्ववली के अनुसार दोपहर में गर्मी और सुबह-शाम ठंड के कारण शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है।

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    ऐसे मौसम में सर्दी, जुकाम और बुखार की शिकायतें बढ़ जाती हैं। जिला अस्पताल (कोरोनेशन) के वरिष्ठ फिजीशियन डा. प्रवीण पंवार का कहना है कि इस तरह के मौसम में खानपान और दिनचर्या को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

    कभी ठंड तो कभी गर्मी के कारण वायरल, खांसी-जुकाम और बुखार जैसी बीमारियां तेजी से फैलती हैं। सर्दी के समय गर्म पेय पदार्थों का सेवन लाभकारी रहता है।

    इन बातों कर रखें ध्यान

    • बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा होता है, ऐसे में सूती वस्त्र ही पहनना चाहिए।
    • खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है। पौष्टिक आहार लेने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पर्याप्त पानी पियें।
    • ठंडे पदार्थों का सेवन भी इस मौसम में कई बार वायरल बुखार का कारण बन जाता है।
    • अगर सिर दर्द अथवा बुखार महसूस हो तो अपनी मर्जी से दवा न लें। चिकित्सक की सलाह जरूर लें।
    • सुबह की सैर के साथ-साथ योग भी अच्छा व्यायाम होता है। बदलते मौसम में नियमित योग करना चाहिए।

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