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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Kedarnath Ropeway के जल्द निर्माण की राह आसान, फाइनेंशियल बिड खुली; अडानी इंटरप्राइजेज ने लगाई सबसे बड़ी बोली!

    Updated: Sun, 20 Apr 2025 05:37 PM (IST)

    Kedarnath Ropeway केदारनाथ रोपवे परियोजना के निर्माण का रास्ता अब आसान होता दिख रहा है। नेशनल हाइवे लाजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) ने फाइनें ...और पढ़ें

    Kedarnath Ropeway: केदारनाथ रोपवे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना है।
    Kedarnath Ropeway: केदारनाथ रोपवे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना है।

    HighLights

    1. एनएचएलएमएल ने खोली निर्माण की फाइनेंशियल बिड

    राज्य ब्यूरो, जागरण देहरादून। Kedarnath Ropeway: समुद्रतल से 11657 फीट की ऊंचाई पर स्थित उत्तराखंड के प्रसिद्ध धाम केदारनाथ तक रोपवे से यात्रा की बहुप्रतीक्षित परियोजना के जल्द धरातल पर उतरने की उम्मीद है।

    नेशनल हाइवे लाजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) ने पीपीपी मोड में बनने वाली इस परियोजना के निर्माण की फाइनेंशियल बिड खोल दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इसमें अडानी इंटरप्राइजेज सबसे बड़े बोलीदाता के रूप में सामने आया है। अभी एनएचएलएमएल ने इसमें अधिक जानकारी देने से इन्कार किया है।अब जल्द ही इसके लिए कंपनी के चयन की अधिकारिक सूचना प्रदेश सरकार को दी जाएगी।

    गौरीकुंड से केदारनाथ की दूरी रह जाएगी सिर्फ 30 मिनट

    केदारनाथ रोपवे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना है। उन्होंने अक्टूबर, 2022 में केदारनाथ रोपवे का शिलान्यास किया था। इसी वर्ष मार्च में केंद्रीय कैबिनेट ने इसके निर्माण के लिए 6811 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की थी। 13 किमी लंबे इस रोपवे के बनने पर गौरीकुंड से केदारनाथ की दूरी सिर्फ 30 मिनट में तय होगी।

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    प्रस्तावित योजना के अनुसार शुरुआत में एक घंटे में 1800 यात्री गौरीकुंड से केदारनाथ तक का सफर करेंगे। बाद में इसकी क्षमता को बढ़ाते हुए प्रति घंटा 3500 यात्री किया जाएगा। रोपवे का निर्माण दो चरणों में किया जाना है। पहले चरण में गौरीकुंड से केदारनाथ तक 9.7 किमी और दूसरे चरण में सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक 3.3 किमी रोपवे बनाया जाना है। इसमें 22 टावर प्रस्तावित हैं।

    अडानी इंटरप्राइजेज सबसे बड़े बोलीदाता

    केंद्र सरकार ने इस रोपवे के निर्माण की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अंतर्गत गठित नेशनल हाइवे लाजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) को सौंपी है। एनएचएलएमएल ने रोपवे निर्माण के लिए सोनप्रयाग से केदारनाथ तक हवाई व भूमिगत सर्वेक्षण के साथ अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी की। इसके बाद इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए। अब इसकी फाइनेंशियल बिड खोली जा चुकी है।

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    प्राप्त जानकारी के अनुसार इसमें अडानी इंटरप्राइजेज सबसे बड़े बोलीदाता के रूप में सामने आया है। यद्यपि अभी एनएचएलएमएल ने इसमें अधिक जानकारी देने से इन्कार किया है। इधर, उत्तराखंड शासन को भी इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।

    ‘केदारनाथ रोपवे के निर्माण को फाइनेंशियल बिड खोली जा चुकी हैं। इससे अधिक जानकारी मिनिस्ट्री आफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवे से ही मिल सकेगी।’ - प्रशांत जैन, प्रोजेक्ट वाइस प्रेसिडेंट, एनएचएलएमएल