देहरादून में एलटी भर्ती पर बवाल, यूकेएसएसएससी कार्यालय पर जड़ा ताला
देहरादून में सहायक अध्यापक (एलटी) भर्ती प्रक्रिया में धांधली और आंसर-की में विसंगतियों के आरोप लगाते हुए डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों और कांग्रेस कार ...और पढ़ें

केएसएसएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता।
HighLights
एलटी भर्ती में धांधली, आंसर-की में विसंगतियों का आरोप।
डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन।
यूकेएसएसएससी ने दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया फिलहाल स्थगित की।
जागरण संवाददाता, देहरादून। माध्यमिक सहायक अध्यापक (एलटी) भर्ती को लेकर गुरुवार को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा हुआ।
भर्ती प्रक्रिया में धांधली और आंसर-की में विसंगतियों का आरोप लगाते हुए डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने आयोग के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और भर्ती प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की। विरोध बढ़ने पर आयोग ने दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी है।
सुबह बड़ी संख्या में डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थी आयोग कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
कुछ देर बाद कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना भी प्रदर्शन में शामिल हुए और अभ्यर्थियों के समर्थन में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि 1,544 पदों की इस भर्ती में जारी आंसर-की में कई त्रुटियां हैं, जिससे योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो रहा है।
धस्माना ने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय ने तीन जून 2026 के अपने आदेश में नौ फरवरी 2025 की कटआफ के आधार पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आयोग ने अब तक उसका पालन नहीं किया।
उन्होंने कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली से अभ्यर्थियों में भ्रम और असंतोष बढ़ा है। यदि न्यायालय के आदेशों के अनुरूप कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस इस आंदोलन को प्रदेशभर में और तेज करेगी।
प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए आयोग कार्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार बंद रहा। बाद में अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के सचिव एनएस डुंगरियाल से वार्ता की।
सचिव ने आयोग अध्यक्ष गणेश मर्तोलिया से चर्चा के बाद प्रतिनिधिमंडल को बताया कि शेष पदों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है।
इसकी सूचना आयोग की वेबसाइट पर भी जारी कर दी गई है। इससे प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी आंशिक जीत बताते हुए आगे की रणनीति बनाने की बात कही।
वहीं आयोग के सचिव एनएस डुंगरियाल ने भर्ती में किसी भी प्रकार की अनियमितता से इन्कार किया। उन्होंने कहा कि पूरी परीक्षा पारदर्शी और निर्धारित नियमों के तहत कराई गई है।
आयोग सभी न्यायिक और वैधानिक प्रविधानों का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई करेगा। प्रदर्शन में दिनेश कौशल, सूरत सिंह नेगी, आनंद सिंह पुंडीर, देवचंद उत्तराखंडी समेत बड़ी संख्या में माध्यमिक सहायक अध्यापक भर्ती के अभ्यर्थी मौजूद रहे।
अभ्यर्थी बोले, कोर्ट के आदेश के अनुरूप नहीं परिणाम
सहायक अध्यापक (एलटी) भर्ती-2024 के प्रभावित अभ्यर्थियों का आरोप है कि उच्च न्यायालय के 4 जून 2025 और 3 जून 2026 के आदेशों के अनुरूप संशोधित परिणाम जारी नहीं किया गया।
कोर्ट ने 9 फरवरी 2025 के परिणाम में प्रत्येक विषय व श्रेणी के अंतिम चयनित अभ्यर्थी के अंकों को ही कटआफ मानकर संशोधित मेरिट तैयार करने के निर्देश दिए थे।
लेकिन 24 जुलाई को घोषित संशोधित परिणाम में कटआफ बढ़ा दी गई, जिससे कई पात्र और मेरिटधारी अभ्यर्थी चयन से बाहर हो गए।
अभ्यर्थियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कोर्ट के आदेशों के अनुरूप संशोधित परिणाम जारी करने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है।
उनका कहना है कि आयोग द्वारा खंडपीठ के समक्ष तीन माह में संशोधित परिणाम जारी करने का शपथपत्र भी दिया गया था, लेकिन उसका भी पालन नहीं हुआ।
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