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    देहरादून में एमडीडीए का Bulldozer Action, अब तक 10 हजार बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त; 1000 से ज्यादा निर्माण सील

    Updated: Sun, 25 Jan 2026 04:52 PM (IST)

    देहरादून-मसूरी क्षेत्र में एमडीडीए ने अवैध प्लाटिंग और निर्माण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। पिछले तीन साल में 10 हजार बीघा से अधिक अवैध प्लाटिंग ध्व ...और पढ़ें

    1000 से ज्यादा निर्माण सील.Jagran

    1000 से ज्यादा निर्माण सील.Jagran

    HighLights

    1. तीन साल में 10 हजार बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त की गई

    2. 1000 से अधिक अवैध निर्माणों को किया गया सील

    3. एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में कार्रवाई जारी

    जागरण संवाददाता, देहरादून। देहरादून-मसूरी क्षेत्र में वर्षों से नियमों को ताक पर रखकर फैल रही अवैध प्लाटिंग और गैरकानूनी निर्माण पर सरकार ने निर्णायक चोट कर दी है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अब तक का सबसे बड़ा और सख्त अभियान छेड़ते हुए पिछले तीन साल में करीब 10 हजार बीघा भूमि पर फैली अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया, जबकि 1000 से अधिक अवैध निर्माणों को सील किया जा चुका है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के अनुसार यह कार्रवाई किसी प्रतीकात्मक मुहिम तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजाना जमीन पर उतरकर की जा रही निरंतर कार्रवाई है, जिससे भू-माफिया से लेकर नियम तोड़कर निर्माण कराने वाले बिल्डरों तक में हड़कंप मचा हुआ है।

    एमडीडीए ने साफ कर दिया है कि अब बिना नक्शा पास कराए, बिना अनुमति व नियमों की अनदेखी कर किए गए किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा। हर दिन फील्ड में टीमें सक्रिय हैं, अवैध निर्माण चिन्हित किए जा रहे हैं और नियमानुसार तत्काल सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में प्राधिकरण ने अवैध प्लाटिंग और निर्माण के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति को पूरी सख्ती से लागू किया है।

    फरवरी-2023 में पदभार संभालने के बाद से ही उपाध्यक्ष तिवारी के निर्देश पर अभियान को तेज किया गया, जिसका नतीजा है कि कार्रवाई का दायरा अब शहर से लेकर देहात और बाहरी क्षेत्रों तक फैल चुका है। प्राधिकरण का स्पष्ट मानना है कि अवैध प्लाटिंग केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुरक्षा पर सीधा हमला है।

    एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार अवैध कालोनियां भविष्य में जलभराव, ट्रैफिक जाम, पेयजल संकट और आपदा जैसी स्थितियां पैदा करती हैं। ऐसे में समय रहते कार्रवाई न की जाए तो इसकी कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ती है। इसी सोच के तहत प्राधिकरण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध निर्माण करने वालों के प्रति अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

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    नहीं बचेंगे लोगों को गुमराह करने वाले

    प्राधिकरण ने अवैध प्लाट काटकर भोले-भाले लोगों को गुमराह करने वालों पर भी शिकंजा कसा है। एमडीडीए ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति अवैध पलाटिंग में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय करते हुए दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

    इन इलाकों में हुई सर्वाधिक कार्रवाई

    अब तक एमडीडीए की सबसे अधिक कार्रवाई विकासनगर, सहसपुर, सेलाकुई, हरबर्टपुर, मेहूंवाला माफी, माजरीग्रांट, पोखरी, नौगांव मांडूवाला, शिमला बाईपास रोड, प्रेमनगर, सहस्रधारा रोड, छिदरवाला, पित्थूवाला, हरभवाला, धर्मावाला, धौलास, लांघा रोड सहित डोईवाला क्षेत्र के तेलपुरा, चीनी मिल रोड, थानो रोड, भोगपुर, घमंडपुर, भानियावाला, रानीपोखरी, लालतप्पड़, कुआंवाला, हर्रावाला, बालावाला, गुलरघाटी, नकरौंदा, नथुवाला, मोहकमपुर, दूधली, शेरपुरा, बीएफ कैंप, साथ ही रायपुर और धर्मपुर क्षेत्रों में की गई है।

    'प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पिछले तीन साल में अब तक करीब 10 हजार बीघा भूमि पर बुलडोजर चलाया जा चुका है और 1000 से अधिक अवैध निर्माणों को सील किया गया है। इसके बावजूद नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी। यह अभियान रुकने वाला नहीं है और बिना अनुमति निर्माण करने वालों के लिए संदेश बिल्कुल साफ है कि अवैध निर्माण छोड़ा नहीं जाएगा।' - बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष एमडीडीए

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