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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Panchayat Election: रुझान आने के साथ ही प्रत्याशियों से बदलते रहे चेहरे के मिजाज

By BhanuEdited By:
Updated: Tue, 22 Oct 2019 10:28 AM (IST)

जैसे-जैसे रुझान आते रहे वैसे-वैसे उम्मीदवारों के चेहरे पर खुशी और घबराहट बढ़ती-घटती रही। सुबह मतगणना शुरू होने से देर रात समाप्ति तक उम्मीदवार और समर्थकों का यही हाल रहा।

Uttarakhand Panchayat Election: रुझान आने के साथ ही प्रत्याशियों से बदलते रहे चेहरे के मिजाज
Uttarakhand Panchayat Election: रुझान आने के साथ ही प्रत्याशियों से बदलते रहे चेहरे के मिजाज

देहरादून, जेएनएन। जैसे-जैसे रुझान आते रहे, वैसे-वैसे उम्मीदवारों के चेहरे पर खुशी और घबराहट बढ़ती-घटती रही। सुबह मतगणना शुरू होने से देर रात समाप्ति तक उम्मीदवार और समर्थकों का यही हाल रहा।

देहरादून जनपद के सभी छह ब्लॉक में सुबह आठ बजे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना शुरू हुई। मतगणना शुरू होने से पहले ही प्रत्याशी और उनके समर्थक मतगणना स्थल पर पहुंच गए। वहीं ग्रामीण भी पंचायत चुनाव की मतगणना का मजा लेने पहुंचे थे। 

पहले घंटे बाद जब रुझान आने शुरू हुए तो उम्मीदवारों के चेहरे के भाव भी बदलने लगे। दो-तीन घंटे बाद जैसे-जैसे परिणाम आने शुरू हुए तो माहौल बिल्कुल बदल गया। जहां विजयी उम्मीदवार के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। विजयी उम्मीदवारों को समर्थकों ने फूल मालाओं से लाद दिया और कंधे पर बैठाकर तालियां बजाते हुए जिंदाबाद के नारे लगाकर जश्न मनाया। 

वहीं इसके उलट हारे हुए खेमे के उम्मीदवार और समर्थक मायूस चेहरे लेकर वापस लौटते दिखाई दिए। गणना के दो-तीन राउंड होने के बाद तो मतगणना स्थल एक मेले की तरह दिखने लगा। 

हर तरफ लोग हाथ में फूल माला लेकर विजयी ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य के साथ खुशी मनाते दिखाई दिए। मतगणना स्थल के बाहर ढोल ताशों की धुन पर विजयी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों ने जमकर डांस कर जीत का जश्न मनाया।

रायपुर में एक सीट कांग्रेस और एक भाजपा के खाते में

रायपुर ब्लॉक में जिपं सदस्य की दो सीटों पर भाजपा और कांग्रेस में बराबरी का मुकाबला रहा। वहीं ऑडियो वायरल होने के बाद सुर्खियों में आए विधायक उमेश शर्मा काऊ समर्थित एक भी उम्मीदवार सीट निकालने में सफल नहीं हुआ।

सौडाद्वारा सीट पर भाजपा से अनिल तीर्थवाल, कांग्रेस से अश्विनी बहुगुणा और निर्दलीय उम्मीदवार बिंदु राजपूत ने ताल ठोकी थी। विधायक काऊ का समर्थन होने और पुराना अनुभव होने के चलते सबसे ज्यादा मजबूत दावेदारी बिंदु राजपूत की मानी जा रही थी। 

वहीं डबल इंजन वाली भाजपा के उम्मीदवार अनिल तीर्थवाल भी कड़ी टक्कर देते दिखाई दे रहे थे। इधर सबको चौंकाते हुए अश्विनी ने जीत दर्ज की। उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बिंदु राजपूत को 58 मतों से हराया। वहीं अस्थल सीट पर भी विधायक काऊ समर्थित उम्मीदवार किशन नेगी की दावेदारी सबसे मजबूत थी। 

यहां भाजपा समर्थित उम्मीदवार वीर सिंह ने कड़ी टक्कर देते हुए निर्दलीय उम्मीदवार किशन नेगी को हरा दिया। भाजपा समर्थित वीर सिंह की जीत पर मसूरी विधायक गणेश जोशी मौके पर पहुंचे और उन्हें बधाई दी।

30 अक्टूबर को होगी कोर्ट में मतगणना

काशीपुर के महुआडाबरा नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर गायत्री देवी को लाटरी के आधार पर विजयी घोषित किए जाने के खिलाफ दायर याचिका के बाद अब मतों की गणना 30 अक्टूबर को संबंधित पक्षों के अधिवक्ताओं की मौजूदगी में न्यायालय के कक्ष में की जाएगी। एडीजे प्रथम प्रीतु शर्मा ने इस मामले में सुनवाई करते हुए सोमवार को मतों की गणना न्यायालय में कराने के आदेश दिए थे। 

इस मामले में याची अफसरी बेगम के अधिवक्ता गोपाल कृष्ण ने बताया कि 21 अक्टूबर को त्रिस्तरीय चुनाव की मतगणना के चलते मतों की गणना 30 अक्टूबर को संबंधित पक्षों के अधिवक्ताओं की मौजूदगी में न्यायालय कक्ष में की जाएगी। इस मामले में गायत्री देवी के अधिवक्ता मुनीश कुमार और शासकीय अधिवक्ता उपदेश विश्नोई हैं।

बिना हस्ताक्षर मिले 241 मतपत्र, गिनती से बाहर

डोईवाला विकासखंड के अंतर्गत कई पोलिंग बूथ ऐसे भी रहे। जिनमें मतदान के दौरान पोलिंग बूथों पर तैनात पीठासीन अधिकारी ने मतपत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। मतगणना के दौरान यह मामला प्रकाश में आया। संदीप कुड़ियाल ने बताया कि यह बहुत बड़ी गलती थी। जिसकी जांच होनी चाहिए।

उप जिलाधिकारी डोईवाला लक्ष्मी राज चौहान ने बताया कि दून घाटी शिक्षण संस्थान गुमानीवाला वार्ड 13 में यह मामला प्रकाश में आया। पीठासीन अधिकारी के द्वारा मतपत्रों पर साइन नहीं किए थे। इस बूथ पर 311 मतपत्रों में से 241 मतपत्रों में पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। इसलिए मतगणना के दौरान जिन मतपत्रों पर पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर थे। उनको ही मान्य किया गया। 

उन्होंने बताया कि 60 वोट मान्य हुए हैं। ऐसा ही मामला साहबनगर ग्राम सभा के बूथ पर भी नजर आया। यहां पर भी करीब 50 के लगभग मतपत्रों में पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई है।

सौंग नदी का पुराना पुल आया पार्किंग के काम 

शहीद दुर्गा मल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को मतगणना के दौरान मुख्य हाईवे के आसपास व बाहर उम्मीदवारों व उनके समर्थकों को ही लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। डोईवाला का पुराना सौंग नदी पुल भी पार्किंग के काम आ ही गया। इस पुल पर किसी भी तरह की आवाजाही कई सालों से बंद है। 

पिथौरागढ़ में भाजपा विधायक की बेटी हारी

विकासखंड डीडीहाट की तीन जिला पंचायत सीटों में भाजपा ने दो सीटों पर तो जीत हासिल जरूर की, लेकिन चिटवाल गांव सीट पर विधायक विशन सिंह चुफाल की बेटी हार गईं। यहां दीपिका चुफाल मैदान में थीं। इस सीट पर भाजपा ने पूरी ताकत झोंक रखी थी। यह सीट विधायक की प्रतिष्ठा से जुड़ी थी। 

सागर बने सबसे कम उम्र के ग्राम प्रधान

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार रायवाला ग्राम सभा के इतिहास में नया रिकार्ड बना है। महज 22 वर्ष के युवा सागर गिरि ने ग्राम प्रधान पद पर जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राम बहादुर को 152 मतों से हराया। सागर को 1103 मत मिले। सागर गिरि अभी स्नातक अंतिम वर्ष के छात्र हैं। सागर के दादा महंत घनश्याम गिरि 1967-68 में तत्कालीन मसूरी विधान सभा (अविभाजित उत्तर प्रदेश) से विधायक रहे। 

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उनकी माता राखी गिरि निवर्तमान ग्राम प्रधान हैं और इससे पूर्व भी वह 2005 से 2009 की अवधि में ग्राम प्रधान रही। वहीं नव निर्वाचित ग्राम प्रधान सागर गिरि ने लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की बात कही है। उनका कहना है कि अब गांव में स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क की सुविधाएं बेहतर कराई जाएंगी। 

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