देहरादून में इन्फ्लुएंजा H1N1 के नौ नए मरीज, कुल 49 संक्रमित; स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को किया अलर्ट
देहरादून में इन्फ्लुएंजा एच1एन1 के नौ नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को अलर्ट रहने ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
देहरादून में इन्फ्लुएंजा एच1एन1 के नौ नए मरीज मिले
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए
पर्याप्त आइसोलेशन, ऑक्सीजन और आईसीयू बेड सुनिश्चित करने को कहा
जागरण संवाददाता, देहरादून। जिले में इन्फ्लुएंजा एच1 एन1 का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग 15 सैंपल की जांच में नौ मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें दो अलग अलग निजी अस्पतालों में दो व सात मरीज भर्ती हैं। संक्रमित मरीजों में चार देहरादून और दो अन्य जिलों के हैं। वहीं, तीन मरीज स्वस्थ हुए हैं। वहीं इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अस्पतालों को निर्देश जारी किए हैं।
दून में इन्फ्लुएंजा के नौ नए मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले में एच1 एन 1 के 118 सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें 49 मरीज संक्रमित मिले हैं। इनमें 34 देहरादून और 15 अन्य जिलों के हैं। 30 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 10 मरीज अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
वही, अब तक पांच मरीजों की मौत हुई है, इन सभी में अन्य बीमारियां भी थीं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मृतकों में को-मार्बिड कंडीशन थी।
कोविड के अब तक 16 मरीज संक्रमित
देहरादून में मंगलवार को कोविड के सात सैंपल लिए गए, लेकिन किसी में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई। वहीं, अब तक 89 सैंपल की जांच में 16 मरीज संक्रमित मिले हैं। इनमें 12 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और चार मरीज वर्तमान में अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। कोविड से अब तक किसी मरीज की मौत नहीं हुई है।
अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश
सीजनल इन्फ्लुएंजा व श्वसन संबंधित रोग से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने अस्पतालों में पर्याप्त आइसोलेशन, ऑक्सीजन और आईसीयू बेड के साथ वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। जरूरी दवाओं व चिकित्सकीय सामग्री का पर्याप्त स्टाक रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। अस्पतालों को इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस के मरीजों की निगरानी कर सूचना आईडीएसपी में दर्ज करने को कहा गया है। गंभीर मरीजों के सैंपल लेकर जांच कराने और किसी क्षेत्र में मामलों की क्लस्टरिंग मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
