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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जर्जर भवन में हो रहा है चार धाम यात्रा का संचालन

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Mon, 08 Apr 2019 09:28 AM (IST)

    यात्रा कार्यालय का भवन जर्जर हो चुका है। शासन ने यहां बस टर्मिनल कंपाउंड में यात्रा संचालन के लिए नए भवन का निर्माण कराया था मगर इस भवन का सदुपयोग नही ...और पढ़ें

    जर्जर भवन में हो रहा है चार धाम यात्रा का संचालन
    जर्जर भवन में हो रहा है चार धाम यात्रा का संचालन

    ऋषिकेश, जेएनएन। गढ़वाल मंडल के प्रवेश द्वार ऋषिकेश से चार धाम यात्रा का प्रतिवर्ष शुभारंभ होता है। पिछले चार दशक से संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति यात्रा का संचालन करती आ रही है। लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा का वादा करने वाली रोटेशन समिति का कार्यालय खुद में सुरक्षित नहीं रह गया है। नगर निगम की संपत्ति में संचालित यात्रा कार्यालय का भवन जर्जर हो चुका है। शासन ने यहां बस टर्मिनल कंपाउंड में यात्रा संचालन के लिए नए भवन का निर्माण कराया था, मगर इस भवन का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है।उत्तराखंड में यात्रा और लोकल बस सेवा संचालित करने वाली प्रमुख नौ परिवहन कंपनियों की सांझी संस्था संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति का कार्यालय भवन सुरक्षित नहीं रह गया है। सत्तर के दशक से यहां नगर निगम ऋषिकेश के भवन में यात्रा कार्यालय संचालित होता आ रहा है।

    यह बकायदा बुकिंग काउंटर बनाए गए थे। इनके बाहर यात्रियों के लिए व्यवस्था की गई थी। इस जगह पर अतिक्रमण हो गया। कार्यालय भवन पिछले हिस्से से संचालित होने लगा। संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति चार धाम के साथ श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए भी बसों की व्यवस्था करती है। राज्य सरकार ने उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के माध्यम से यहां बस टर्मिनल कंपाउंड का निर्माण कराया था। जिसके लिए भवनों का भी निर्माण हुआ। 

    इसी कंपाउंड से चार धाम यात्रा बसों का संचालन होना था। मगर वर्ष 2012 में बीटीसी बनने के बाद संयुक्त रोटेशन का कार्यालय यहां शिफ्ट नहीं किया गया। दो वर्ष पूर्व बीटीसी स्थित भवन में यात्रा काल के लिए संयुक्त रोटेशन का एक कार्यालय जरूर फुटकर यात्री बुकिंग के लिए प्रशासन ने खुलवाया था। 

    बाकी सब बुकिंग काउंटर में ताले लगे हैं। जबकि पास में ही यात्री पंजीकरण कार्यालय और पर्यटन विभाग का कार्यालय भी स्थित है। यात्रा काल में जब बसों की किल्लत होती है, तो उप जिलाधिकारी और परिवहन अधिकारी इसी जर्जर भवन के कमरे में बैठकर व्यवसायियों से सलाह मशवरा करते हैं। संयुक्त रोटेशन में अब तक जितने भी अध्यक्ष बनते रहे सब अपना कार्यकाल इसी जर्जर भवन में पूरा करते रहे। जबकि इस भवन की छत की लेंटर का प्लास्टर हमेशा गिरता रहता है। 

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    इस कार्यालय की लोकेशन बैक साइड में होने के कारण आम यात्री यहां नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में यात्री अवैध रूप से संचालित ट्रैवल्स कंपनियों के एजेंटों के हाथों ठगने को मजबूर होता है। जर्जर हो चुके इस भवन के नीचे इस बार भी चार धाम यात्रा का संचालन होगा।

    भानु प्रकाश रांगढ़ (अध्यक्ष, संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति) का कहना है कि संयुक्त रोटेशन कार्यालय भवन की हालत वास्तव में बहुत ही ज्यादा खराब हो चुकी है। इस भगवान से हमेशा खतरा बना रहता है। रोटेशन समिति की ओर से नगर निगम के मुख्य नगर आयुक्त को पत्र देकर संयुक्त रोटेशन के लिए कार्यालय व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है। 

    उत्तम सिंह नेगी (सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश) का कहना है कि रोटेशन कार्यालय भवन की जर्जर हालत का मामला संज्ञान में है। इस भवन का ध्वस्तीकरण  जनहित में जरूरी है। बस टर्मिनल कंपाउंड में रोटेशन कार्यालय के संचालन के लिए पर्याप्त स्थान और सुविधा उपलब्ध है। इस संबंध में उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

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