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    उत्तराखंड में नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा में प्रवेश में बड़ा बदलाव, अब एक कॉमन परीक्षा से होंगे दाखिले

    Updated: Thu, 14 May 2026 07:18 PM (GMT+05:30)

    उत्तराखंड में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा में प्रवेश के लिए अब एक ही कॉमन प्रवेश परीक्षा और एकीकृत काउंसलिंग व्यवस्था लागू ह ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा में प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य के सभी राजकीय एवं निजी संस्थानों में प्रवेश अब एक ही कॉमन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में कॉमन काउंसलिंग व्यवस्था भी लागू की जाएगी।

    इस संबंध में उत्तराखंड शासन के सचिव सचिन कुर्वे की ओर से उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्णय चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की 6 और 8 मई 2026 को हुई बैठकों में सर्वसम्मति से लिया गया।

    निर्णय के अनुसार निजी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थानों की सरकारी सीटों को छोड़कर सभी सीटों पर प्रवेश कॉमन प्रवेश परीक्षा और एकीकृत काउंसलिंग के माध्यम से ही किया जाएगा।

    इसके लिए उत्तराखंड अनानुदानित निजी व्यवसायिक शिक्षण संस्थाओं (प्रवेश एवं शुल्क निर्धारण विनियम) संशोधन अधिनियम 2018 के प्रावधान लागू रहेंगे।

    शासन ने स्पष्ट किया है कि सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह निर्धारित नियमों और पारदर्शी प्रणाली के तहत होगी। साथ ही रिक्त सीटों को भरने की व्यवस्था भी तय प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

    इस फैसले के बाद अब अलग-अलग संस्थानों की अलग-अलग प्रवेश परीक्षाओं की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। इससे विद्यार्थियों को एक समान अवसर मिलेगा और पूरी प्रवेश प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और केंद्रीकृत हो जाएगी।

    प्रवेश व्यवस्था पर पुरानी खींचतान

    प्रदेश में 50 से अधिक निजी नर्सिंग कॉलेज संचालित हैं। अभी तक की व्यवस्था के तहत इन कॉलेजों में राज्य कोटा की 50 प्रतिशत सीटें विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के आधार पर केंद्रीकृत काउंसलिंग से भरी जाती थी।

    वहीं शेष 50 प्रतिशत मैनेजमेंट कोटा सीटों पर प्रवेश निजी कॉलेजों की एसोसिएशन द्वारा आयोजित अलग प्रवेश परीक्षा के आधार पर दिए जाते थे। इंडियन नर्सिंग काउंसिल सभी दाखिले केंद्रीकृत प्रणाली के तहत करने के निर्देश दे चुकी है।

    जिसके तहत वर्ष 2021 में विश्वविद्यालय ने शत-प्रतिशत सीटों को केंद्रीकृत प्रवेश परीक्षा और काउंसलिंग से भरने का प्रस्ताव शासन को भेजा, जिसका आदेश भी हो गया।

    पर निजी कालेजों के विरोध के बाद शासन ने पूर्ववत व्यवस्था लागू कर दी।तब से राज्य में दोहरी प्रवेश प्रणाली चलती रही। अब शासन ने कामन प्रवेश परीक्षा और काउंसलिंग व्यवस्था को मंजूरी दे दी है।

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