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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दून के आठ लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि, अलर्ट मोड में अफसर Dehradun News

By Bhanu Prakash SharmaEdited By:
Updated: Fri, 28 Feb 2020 10:08 AM (IST)

जनपद देहरादून में आठ मामलों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद अब जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। इस संबंध में डीएम ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

दून के आठ लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि, अलर्ट मोड में अफसर Dehradun News
दून के आठ लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि, अलर्ट मोड में अफसर Dehradun News

देहरादून, जेएनएन। जनपद देहरादून में आठ मामलों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद अब जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इस संदर्भ में विभागीय अफसरों की बैठक ली। उन्होंने लोगों को जागरूक करने, अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाने एवं दवाएं पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए।

बैठक में कोरोनेशन एवं गांधी अस्पताल (जिला अस्पताल) के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि उन्होंने कोरोना के मद्देनजर पहले से ही आइसोलेशन वार्ड बना लिए हैं। स्वाइन फ्लू की दवाएं भी पर्र्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वहीं, दून अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि 29 बेड का आइसोलेशन वार्ड अस्पताल में है, जिसमें 13 बेड स्वाइन फ्लू के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। 

सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए आशाओं के माध्यम से प्रचार प्रसार कराया जा रहा है। बैठक में एसीएमओ डॉ. एनके त्यागी, एसीएमओ डॉ. दिनेश चौहान, डॉ. प्रवीण पंवार, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी सुभाष जोशी, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. पीयूष आदि मौजूद रहे।

डेंगू-मलेरिया को लेकर कसी कमर 

गर्मियां शुरू होने वालीहैं और डेंगू-मलेरिया का डर विभाग को सताने लगा है। ऐसे में विभागीय स्तर पर अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। रायपुर सीएचसी में क्षेत्र की आशाओं को मरीजों की रक्त पट्टिकाएं बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। 

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जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी, सीएचसी प्रभारी डॉ. आनंद शुक्ला ने आशाओं को अपने-अपने इलाके में मलेरिया, डेंगू और स्वाइन फ्लू को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। किसी भी व्यक्ति को बुखार आने या कोई लक्षण दिखाई देने पर उसकी रक्त पट्टिका बनाकर लाने को कहा। विदित हो कि विगत वर्ष सबसे ज्यादा डेंगू के मामले रायपुर क्षेत्र में ही सामने आए थे।

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