Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उत्तराखंड में प्रचंड गर्मी के बीच रिकार्ड मांग ने गिराई बिजली

    By Edited By:
    Updated: Thu, 24 May 2018 09:36 PM (IST)

    प्रचंड गर्मी में बिजली संकट लगातार गहरा रहा है। इसी बीच सर्वाधिक बिजली मांग का रिकार्ड भी टूट गया है। ...और पढ़ें

    उत्तराखंड में प्रचंड गर्मी के बीच रिकार्ड मांग ने गिराई बिजली
    उत्तराखंड में प्रचंड गर्मी के बीच रिकार्ड मांग ने गिराई बिजली

    देहरादून, [जेएनएन]: प्रचंड गर्मी में बिजली संकट लगातार गहरा रहा है। इसी बीच सर्वाधिक बिजली मांग का रिकार्ड भी टूट गया है।  अब तक की सर्वाधिक 43.95 मिलियन यूनिट (एमयू) मांग रही, जिसके सापेक्ष तीन एमयू से भी अधिक बिजली की कमी रही। अहम यह है कि पिछले वर्षो में जून में ही सबसे अधिक मांग होती थी, लेकिन इस बार मई में ही बिजली की सर्वाधिक मांग सामने आई। 

    पिछले साल जून में बिजली की अधिकतम मांग 43.76 एमयू तक रही थी। लेकिन, तब बिजली कमी नहीं, बल्कि सरप्लस स्थिति थी। इस बार मई की शुरुआत से ही बाजार में बिजली के दाम दोगुने हो गए हैं। इस कारण से उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) बिजली मांग पूरा नहीं कर पा रहा है। 

    राजधानी समेत प्रदेशभर में घंटों अघोषित कटौती हो रही है। यूपीसीएल प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बताया कि सबसे पहले उद्योगों में कटौती करते हैं। इसके बाद जरूरत होती है तो हरिद्वार और उधमसिंह नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती होती है। शटडाउन की योजना भी नहीं आ रही काम बिजली मांग को कम करने के लिए यूपीसीएल लगातार निर्माण कार्यो के नाम पर कई क्षेत्रों में शटडाउन प्रस्तावित कर रहा है। 

    इसके बावजूद बिजली की मांग और उपलब्धता में अंतर है। दरअसल, मरम्मत या निर्माण कार्य के लिए शट्डाउन यानी बिजली बंद की जाती है तो उसे यूपीसीएल कटौती नहीं मानता। 

    वर्ष-----------------------बिजली मांग 

    2011----------------------29.00 एमयू 

    2012-----------------------31.40 एमयू 

    2013-----------------------34.50 एमयू 

    2014-----------------------35.00 एमयू 

    2015-----------------------39.00 एमयू 

    2016-----------------------42.00 एमयू 

    2017-----------------------43.76 एमयू 

    2018-----------------------43.95 एमयू 

    एक साल में बढ़े दो लाख उपभोक्ता 

    एक साल में प्रदेश में करीब दो लाख बिजली उपभोक्ता बढ़े हैं। वर्ष 2016-17 में 20.96 लाख उपभोक्ता थे, जो अब बढ़कर 22 लाख से अधिक हो गए हैं। राजधानी में भी कटौती कहने को देहरादून कटौती मुक्त है, लेकिन यहां भी खूब रोस्ट्रिंग हो रही है। 

    खबरें और भी

    हालांकि, ऊर्जा निगम इससे इंकार करता है। लेकिन, बिजली की मांग बढ़ने से ओवर लोडिंग की समस्या बन रही है, जिसके चलते कटौती की जा रही है। बुधवार को पूर्वी पटेलनगर, भंडारी बाग, निरंजनपुर, कारगी, देहराखास, करनपुर, डीएल रोड, जोगीवाला, नत्थनपुर, ईसी रोड, नेशविला रोड समेत इलाकों में दिनभर में करीब दो से तीन घटे कटौती की गई।

    यह भी पढ़ें: इस वजह से उत्तराखंड में गहराया बिजली का संकट, करनी पड़ रही कटौती

    यह भी पढ़ें: बिजली की किल्लत और अघोषित कटौती से लोग बेहाल

    यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में इस वजह से की जा रही है बिजली की कटौती