उत्तराखंड: दो प्रतिशत घटी प्री एसआइआर की मैपिंग, अप्रैल शुरू हो सकता है विशेष गहन पुनरीक्षण
उत्तराखंड में प्री-एसआइआर मैपिंग में नामों के दोहराव के कारण दो प्रतिशत की कमी आई है, जिससे यह 87% से घटकर 85% हो गई है। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, देहरादून। प्रदेश में प्री-एसआइआर मैपिंग में नामों के दोहराव के कारण पूर्व में घोषित मैपिंग में दो प्रतिशत की कमी आई है।
पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने प्रदेश में 87 प्रतिशत मैपिंग होने की बात कही थी। अब दोहराव वाले मतदाताओं का नाम कटने के बाद 85 प्रतिशत मैपिंग पूरी होने का आंकड़ा सामने आया है।
प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) शुरू करने को लेकर अभी केंद्र से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं, यद्यपि यह माना जा रहा है कि अप्रैल अथवा मई में यहां एसआइआर का कार्य शुरू कराया जा सकता है।
एसआइआर के कार्यों को सहज बनाने के लिए मुख्य राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने प्री-एसआइआर की प्रक्रिया शुरू की है। इसमें वर्तमान मतदाता सूची का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान किया जा रहा है।
इसके तहत पहले चरण में 40 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों की मतदाता सूची का मिलान किया गया। दूसरे चरण में शेष मतदाताओं काे शामिल किया गया। इन मतदाताओं की मैपिंग इनके माता-पिता अथवा दादा-दादी के नाम से की जा रही थी।
इसमें कई स्थानों पर मतदाताओं के नाम का दोहराव देखने को मिला। इनके नाम यहां की मतदाता सूची में तो मिल ही रहे थे, साथ ही उनके माता-पिता व दादा-दादी के नाम से भी मैपिंग हो गई। इससे एक ही नाम की गणना दो बार हो गई।
वहीं, एक ही परिवार के सदस्यों के नाम वर्ष 2003 की सूची में अलग-अलग बूथों पर होने और बाद में उनके द्वारा क्षेत्र बदलने के कारण नए स्थान पर बनी मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के कारण भी दोहराव की स्थिति बनी।
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इसे शुरुआत में साफ्टवेयर तकनीकी खामी के कारण नहीं पकड़ पाया था। अब यह दोहराव पकड़ में आ गया है। इस कारण जिन नामों की पहले मैपिंग हो चुकी थी, उन्हें दोहराव के कारण हटाना पड़ा है।
अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय मैपिंग के कार्य में तेजी लाने में जुट गया है। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास ने बताया कि दोहराव के कारण कुछ नामों की मैपिंग हो गई थी, उन्हें हटा दिया गया है। इस कारण प्रतिशत में कुछ कमी आई है।