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    आपदा के खतरे पर नजर, अलर्ट मोड पर कंट्रोल रूम; IG गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया- संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 09:25 AM (IST)

    उत्तराखंड में लगातार बारिश और मौसम अलर्ट के चलते रेंज कार्यालय पूरी तरह सतर्क है। संभावित आपदाओं से निपटने के लिए कंट्रोल रूम, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआर ...और पढ़ें

    राजीव स्वरूप, आईजी गढ़वाल

    राजीव स्वरूप, आईजी गढ़वाल

    HighLights

    1. रेंज कार्यालय, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ हाई अलर्ट पर

    2. संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी, राहत कार्य हेतु

    3. देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी जिलों में समन्वय बढ़ाने के निर्देश

    जागरण संवदादाता, देहरादून। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट को देखते हुए रेंज कार्यालय पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित आपदाओं से निपटने के लिए कंट्रोल रूम, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और पर्यटन चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

    पर्वतीय जिलों में भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़क अवरुद्ध होने और नदियों-नालों के जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए रेंज कार्यालय की ओर से देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी व पौड़ी के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

    चारधाम कंट्रोल रूम से 24 घंटे यात्रा मार्गों पर निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    रेंज कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम से 24 घंटे हर गतिविधि पर रखी जा रही है नजर

    चारधाम यात्रा मार्गों, मसूरी, चकराता, नैनीताल और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्थापित पर्यटन चौकियों को भी विशेष रूप से अलर्ट किया गया है। यहां तैनात पुलिस और प्रशासनिक टीमों को मौसम की ताजा जानकारी देने के साथ ही जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से रोकने को कहा गया है।

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    दून, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी व पौड़ी के जिला प्रभारियों को समन्वय बढ़ाने के निर्देश

    एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात हैं। जेसीबी मशीनों और सड़क खोलने वाले दलों को भी रणनीतिक स्थानों पर रखा गया है ताकि भूस्खलन या मलबा आने की स्थिति में यातायात जल्द बहाल किया जा सके। नदी किनारे बसे क्षेत्रों और निचले इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

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    2025 में आई आपदा को देखते हुए किया अलर्ट

    वर्ष 2025 में भारी बारिश के चलते चमोली, उत्तरकाशी व पौड़ी गढ़वाल में जगह-जगह भूस्खलन होने से बड़ी संख्या में मानवक्षति हुई थी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप ने रेंज कार्यालय में स्थित कंट्रोल रूम से निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं। पर्यटन चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। हर तीन घंटे में मार्गों की स्थिति की रिपोर्ट कंट्रोल में देने को कहा गया है।

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    पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए कंट्रोल रूम के साथ-साथ पर्यटन चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। थानास्तर पर तैयार किए गए आपदा वालंटियर की सेवाएं भी ली जा रही हैं। सभी जिला प्रभारियों को आपस में समन्वय बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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    राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र