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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    एसएसपी और नगर आयुक्त को अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी

    By BhanuEdited By:
    Updated: Thu, 16 Aug 2018 03:24 PM (IST)

    अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर खाली कराए गए स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण हुआ तो एसएसपी और नगर आयुक्त सीधे एफआइआर दर्ज कराएं। ...और पढ़ें

    एसएसपी और नगर आयुक्त को अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी
    एसएसपी और नगर आयुक्त को अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी

    देहरादून, [जेएनएन]: अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर खाली कराए गए स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण हुआ तो एसएसपी और नगर आयुक्त सीधे एफआइआर दर्ज कराएं। इसमें किसी भी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं होगी। पुलिस और नगर निगम की टीमें इन क्षेत्रों की चेकिंग कर कार्रवाई करें। इसके अलावा आम लोग भी अतिक्रमण करने वालों की शिकायत सर्वे चौक स्थित आइआरडीटी मिनी सचिवालय में दे सकते हैं। 

    हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम क्षेत्र की सड़क, नाली, फुटपाथ और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है। अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने अफसरों की बैठक लेते हुए अब तक हटाए गए अतिक्रमण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हटाए गए अतिक्रमण वाले स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण किए जाने की शिकायतें मिलने लगी हैं।

    उन्होंने कहा कि दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं और इसकी रिपोर्ट भी सौंपें। इधर, मंगलवार को टास्क फोर्स ने शहर में 23 नए अतिक्रमण चिह्नित करते हुए लाल निशान लगाए। 

    अतिक्रमण हटाने के नाम पर कार्रवाई का विरोध 

    हाईकोर्ट के आदेश पर शहर में अतिक्रमण के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का दून उद्योग व्यापार मंडल ने विरोध किया है। कहा कि अधिकारी कोर्ट के आदेश की आड़ में व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। इसे लेकर व्यापारियों ने एकजुटता से विरोध करने का निर्णय लिया है। 

    कांवली रोड पर दून उद्योग व्यापार मंडल की बैठक हुई। बैठक में हाईकोर्ट के आदेशों की आड़ में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई का विरोध किया गया। इस दौरान संगठन के संरक्षक उमेश अग्रवाल और अध्यक्ष विपिन नागलिया ने कहा कि अतिक्रमण के विरोध में सभी व्यापारियों को एकजुट होना होगा। 

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    उन्होंने कहा कि 1904 के नक्शे से जो कार्रवाई का डर दिखाया जा रहा है, उससे लोग बर्बादी की स्थिति में आ गए हैं। ऐसे में आगे कार्रवाई न हो, इसे लेकर लामबंद होना होगा। इस दौरान व्यापारियों ने सीमांकन और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का भी विरोध करने का निर्णय लिया है। 

    बैठक में कहा गया कि प्रथम चरण में 19 अगस्त को आम सभा राजा रोड स्थित गीता भवन में होगी। इसमें धरना प्रदर्शन, दून बंद व चक्का जाम की रणनीति तय की जाएगी। इस मौके पर सुरेंद्र प्रभाकर, परवीन जैन, अनुज जैन, कृपाल कुकरेजा आदि मौजूद रहे।

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