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    ऋषिकेश: मुख्यमंत्री धामी ने परमार्थ निकेतन में किया गंगा पूजन, सनातन मूल्यों पर दिया जोर

    Updated: Sat, 18 Apr 2026 04:10 PM (IST)

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में मां गंगा का पूजन और शतचंडी महायज्ञ में आहुति दी। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री धामी ने परमार्थ निकेतन में गंगा पूजन किया

    2. मानवता का भविष्य शांति और सनातन मूल्यों में निहित: धामी

    3. राज्य की उन्नति और विश्व शांति हेतु विशेष प्रार्थना

    जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां गंगा का पूजन और अभिषेक किया। शतचंडी महायज्ञ में वैदिक विधि-विधान से आहुति अर्पित कीं। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा उसकी संस्कृति में बसती है।

    उत्तराखंड की शक्ति उसकी आध्यात्मिक चेतना में और मानवता का भविष्य शांति, सेवा तथा सनातन मूल्यों में निहित है।

    शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पत्नी गीता धामी के साथ परमार्थ निकेतन पहुंचे। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती के सान्निध्य धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री ने राज्य की उन्नति, भारत की सुरक्षा, समृद्धि और संपूर्ण विश्व में शांति और सद्भाव के लिए विशेष प्रार्थना की। साथ ही देवभूमि उत्तराखंड की समृद्धि, प्राकृतिक संतुलन, कल्याण और आध्यात्मिक उन्नयन के लिए विशेष हवन में आहुति अर्पित की।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि परमार्थ निकेतन में आयोजित अति रुद्रम एवं शतचंडी महायज्ञ एक अद्वितीय आध्यात्मिक स्पंदन है, जो मानवता के कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, विश्व शांति और आंतरिक जागरण का संदेश दे रहा है।

    यह आयोजन उत्तराखंड की आध्यात्मिक गरिमा, सनातन संस्कृति की शक्ति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरक ऊर्जा का अद्भुत संगम है।

    स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक चेतना का धड़कता हृदय है। हिमालय की गोद, मां गंगा की निर्मल धारा और ऋषियों की तपस्थली यह भूमि पूरी मानवता को योग, शांति और धर्म का संदेश देती आ रही है।

    उन्होंने कहा कि जब सरकार, शासन और आध्यात्मिकता का समन्वय होता है, तब समाज में संतुलन, सेवा और सत्कार्यों का शुभारंभ भी होता है।

    इस धार्मिक आयोजन में अलग-अलग देशों से आए 200 से अधिक लोगों ने वेदों के मंत्रों का सामूहिक गान किया।

    आठ दिवसीय अति रुद्रम एवं शतचंडी महायज्ञ में 15,000 रुद्रम मंत्रों का जाप, 1,500 रुद्र होम, 300 दुर्गा सप्तशती पाठ एवं 300 चंडी होम संपन्न हो रहे हैं। साथ ही रुद्रम, दुर्गा सप्तशती सहित अलग-अलग आयोजन हो रहे हैं।

    इस अवसर पर यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट, अमृतेश्वर्यंबा, अमृतेश्वरानंद नाथ सरस्वती, नरेश नटराजन, हिमांशु जी आदि मौजूद रहे।

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