चारधाम यात्रा: ऋषिकेश में ऑफलाइन पंजीकरण ने तोड़े रिकॉर्ड, 17 हजार से अधिक श्रद्धालु पंजीकृत
चारधाम यात्रा के लिए ऋषिकेश में सोमवार को 17,651 ऑफलाइन पंजीकरण हुए, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। ...और पढ़ें

ट्रांजिट कैंप में चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण कराते तीर्थ यात्री। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद सोमवार को ऋषिकेश में सबसे अधिक आफलाइन पंजीकरण हुए। ट्रांजिट कैंप में 17,651 पंजीकरण हुए। ऋषिकेश सहित चार केंद्रों पर कुल 33,709 पंजीकरण हुए।
इस बार चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हुई थी। छह मार्च से आनलाइन और 17 अप्रैल से आफलाइन पंजीकरण शुरू हुए थे।
अब धीरे-धीरे चारधाम यात्रा में तीर्थ यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। शुरुआत में दो से ढाई हजार आफलाइन पंजीकरण ही ऋषिकेश में हो रहे थे।
अब यह आंकड़ा हर दिन बढ़ रहा है। 10 हजार के बाद 15 हजार तक पंजीकरण की संख्या पहुंच चुकी थी।
सोमवार को ट्रांजिट कैंप में यमुनोत्री के लिए 3926, गंगोत्री के लिए 3932, केदारनाथ के लिए 4848, बदरीनाथ के लिए 4920, हेमकुंड साहिब के लिए 25 पंजीकरण हुए।
इसके साथ ही हरिद्वार में चारों धामों के लिए 14,628, नया गांव में 292, हरबर्टपुर में 1138 पंजीकरण हुए।
क्रम के अनुसार चल रही रोटेशन की बसें
संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के अध्यक्ष भाष्करानंद भारद्वाज का कहना है कि यात्रा अपने चरम पर है।
यात्रियों के पंजीकरण करवाने पर डिमांड के अनुसार बसों को चारधाम, दो धाम, एक धाम के लिए भेजा जा रहा है।
जिस क्रम में बसें चारधाम यात्रा पर गई थी, उसी क्रम में वापस लौट रही हैं। बसों को यात्रा पर जाने के लिए क्रमांक के लिए लाटरी निकाली गई थी।
यह भी पढ़ें- केदारनाथ धाम में उमड़ रही आस्था, 26 दिन में 6.35 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन
यह भी पढ़ें- बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में अब आसान होंगे दर्शन, 70 वर्ष से अधिक आयु वालों व दिव्यांग श्रद्धालुओं को प्राथमिकता