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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बजट में उपेक्षा से रोडवेज कर्मी नाखुश, फिर कर रहे आंदोलन की तैयारी

    By BhanuEdited By:
    Updated: Wed, 20 Feb 2019 10:54 AM (IST)

    राज्य सरकार के बजट में कर्मचारी संगठनों की मांगों को दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए रोडवेजकर्मी फिर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। ...और पढ़ें

    बजट में उपेक्षा से रोडवेज कर्मी नाखुश, फिर कर रहे आंदोलन की तैयारी
    बजट में उपेक्षा से रोडवेज कर्मी नाखुश, फिर कर रहे आंदोलन की तैयारी

    देहरादून, जेएनएन। राज्य सरकार के बजट में कर्मचारी संगठनों की मांगों को दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए रोडवेजकर्मी फिर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। कर्मियों का आरोप है कि बीते दिनों मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और वित्त सचिव से अलग-अलग दौर की वार्ता में जो समझौता सरकार की तरफ से किया गया था, उसका पालन नहीं किया गया है। ऐसे में कर्मचारी सरकार के सामने एक बार फिर आंदोलन की चुनौती रख सकते हैं।

    विभिन्न मांगों को लेकर रोडवेजकर्मियों ने गत चार जनवरी को सचिवालय कूच व 16 जनवरी से बेमियादी हड़ताल करने का एलान किया था। तीन जनवरी को सरकार की तरफ से अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एक कमेटी गठित कर दी थी और फौरी तौर पर वित्तीय मदद का एलान भी किया था। कर्मचारियों ने सचिवालय कूच टाल दिया था, लेकिन 16 से हड़ताल पर अड़े रहे। 

    इस बीच परिवहन सचिव और वित्तीय सचिव से अलग-अलग दौर में वार्ताएं हुई और हड़ताल स्थगित हो गई। कर्मचारियों ने 30 जनवरी से फिर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी, लेकिन मुख्य सचिव व इसके बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ हुई समझौता वार्ता में कर्मचारियों को मना लिया गया। तय हुआ था कि पर्वतीय मार्गों पर संचालन से रोडवेज को हो रहे करीब चालीस करोड़ के सालाना घाटे में सरकार प्रतिपूर्ति करेगी। 

    रोडवेज अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के संयोजक अशोक चौधरी ने बताया कि सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं की मद में तो 33 करोड़ रुपये की मदद दी है, लेकिन पर्वतीय मार्गों पर पूरा वित्तीय घाटा उठाने से हाथ खड़े कर दिए। सरकार द्वारा पर्वतीय मार्गों को लेकर बजट में सिर्फ दस करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो नाकाफी है। 

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    चौधरी ने बताया कि इस बारे में गुरूवार को संयुक्त मोर्चा की बैठक की जाएगी व सरकार को नोटिस भेजा जाएगा। सरकार ने बजट में संशोधन नहीं किया तो कर्मचारी आंदोलन को बाध्य होंगे। 

    बैठक में संयुक्त मोर्चा से कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री दिनेश पंत, रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के महामंत्री भोला जोशी के साथ उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ के प्रांतीय अध्यक्ष सहदेव सिंह, उत्तराखंड परिवहन निगम एससी-एसटी श्रमिक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम किशन और राज्यपथ परिवहन कर्मचारी यूनियन के महामंत्री दया किशन पाठक को बुलाया गया है।

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