Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    देहरादून: मौत से पहले एक घंटे तक बताया दर्द, फिर कार में मिली एमएस छात्रा की लाश

    Updated: Wed, 25 Mar 2026 06:14 PM (IST)

    देहरादून में श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट की एमएस नेत्र रोग की छात्रा तन्वी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह अपनी कार में अचेत मिली और अस्पत ...और पढ़ें

    रात में अस्पताल मार्ग पर खड़ी कार से अचेत अवस्था में मिली अंबाला निवासी छात्रा। प्रतीकात्मक

    रात में अस्पताल मार्ग पर खड़ी कार से अचेत अवस्था में मिली अंबाला निवासी छात्रा। प्रतीकात्मक

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, देहरादून। श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेस की एमएस नेत्र रोग की छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत का मामला सामने आया है। रात में सड़क किनारे खड़ी कार के भीतर छात्रा अचेत अवस्था में मिली।

    परिजन शीशा तोड़कर उसे बाहर निकालकर श्री महंत इंद्रेश अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्रा मूल रूप से माडल टाउन अंबाला सिटी हरियाणा की निवासी थी और वर्तमान में अपनी मां के साथ देहरादून में किराये पर रह रही थी। छात्रा के पिता ने विभागाध्यक्ष डा. प्रियंका गुप्ता पर मानसिक, शैक्षणिक, आर्थिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मृत्यु से पहले छात्रा ने लगभग एक घंटे पिता से फोन पर बात कर अपनी पीड़ा भी बताई थी।

    पटेलनगर थाने में दी गई तहरीर में ललित मोहन ने बताया कि उनकी बेटी तन्वी सितंबर-2023 से एमएस ऑप्थैल्मोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी। पिता का आरोप है कि पहले उसकी विभागध्यक्ष तरन्नुम शकील थी, पर दिसंबर-2025 में डा. प्रियंका गुप्ता को विभागध्यक्ष बना दिया गया। आरोप है कि विभागीय नेतृत्व बदलने के बाद उनकी बेटी को लगातार दबाव में रखा गया।

    लाग बुक में पहले अच्छे अंक दिए गए, लेकिन आरोप है कि बाद में डा. प्रियंका की ओर से जानबूझकर कम अंक देकर फेल करने की धमकी दी जाने लगी। स्वजनों के मुताबिक पिछले चार महीनों से छात्रा लगातार तनाव में थी। उसने घर पर कई बार विभागीय व्यवहार व दबाव की जानकारी दी थी। पिता का कहना है कि उन्होंने कई बार डा. प्रियंका गुप्ता से मिलकर बेटी के भविष्य को प्रभावित न करने की गुजारिश की, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।

    खबरें और भी

    तहरीर के अनुसार मंगलवार की रात तन्वी ने लगभग एक घंटे तक पिता से फोन पर बात कर अपनी परेशानी बताई। रात 11:15 बजे उसने संदेश भेजा कि वह 12:30 बजे तक घर पहुंच जाएगी, लेकिन इसके बाद संपर्क नहीं हो सका। पिता तत्काल अंबाला से देहरादून के लिए पहुंचे। देर रात जब स्वजन तलाश करते हुए अस्पताल मार्ग पर पहुंचे तो तन्वी की कार सड़क किनारे खड़ी मिली। तन्वी ड्राइविंग सीट पर अचेत थी। हाथ में कैनुला लगी थी और कार में इंजेक्शन आदि सामग्री बिखरी पड़ी थी। कार अंदर से लाक थी, जिसके बाद स्वजनों ने शीशा तोड़कर दरवाजा खोला।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल डिटेल पर टिकी जांच

    पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल काल डिटेल और मेडिकल कालेज से जुड़े तथ्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है।

    यह भी पढ़ें- देहरादून में कॉलेज छात्रों की गुटबाजी आम, त्रिपुरा के छात्र एंजल चकमा का हुआ था मर्डर

    यह भी पढ़ें- देहरादून प्रेमनगर में पुलिस का सख्त अभियान: हॉस्टल-पीजी की जांच, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई