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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छात्रवृत्ति घोटाले में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की एसआइटी को मिली अनुमति

By BhanuEdited By:
Updated: Fri, 28 Jun 2019 09:36 AM (IST)

छात्रवृत्ति घोटाले में एसआइटी को आरोपित सात अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति मिल गई है। इनमें दो अधिकारियों का सेवानिवृत्ति के बाद निधन हो गया था।

छात्रवृत्ति घोटाले में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की एसआइटी को मिली अनुमति
छात्रवृत्ति घोटाले में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की एसआइटी को मिली अनुमति

देहरादून, जेएनएन। छात्रवृत्ति घोटाले में एसआइटी को आरोपित सात अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति मिल गई है। इनमें दो अधिकारियों का सेवानिवृत्ति के बाद निधन हो गया था। बाकी पांच की एसआइटी कभी भी गिरफ्तारी कर सकती है। एसआइटी के सूत्रों का कहना है कि आरोपितों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए जा चुके हैं। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति घोटाले में एसआइटी जल्द बड़ी कार्रवाई कर सकती है। शासन का अनुमति पत्र मिलने के बाद एसआइटी इसकी तैयारी में जुट गई  है। इसमें हरिद्वार जनपद के पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी रहे और वर्तमान में संयुक्त निदेशक जीआर नौटियाल, दीपराज अग्निहोत्री और पूर्व सहायक समाज कल्याण अधिकारी मुनीष त्यागी, सोम प्रकाश, विनोद कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई हो सकती है। 

सचिव समाज कल्याण एल फैनई के अनुसार एसआइटी को 19 जून को अनुमति पत्र जारी किया गया था। इस पत्र में सात अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति दी गई है। हालांकि इनमें से पांच ही जीवित हैं। दो अधिकारियों का सेवानिवृत्ति के बाद निधन हो गया था। उधर, दून के कॉलेजों पर एसआइटी की कार्रवाई धीमी गति से आगे बढ़ रही है। यहां पहले सात कॉलेजों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए जा चुके हैं। इन कॉलेज के संचालकों पर अब गिरफ्तारी की कार्रवाई की जानी बाकी हैं।

एसआइटी ने भेजा अधिकारियों को अंतिम नोटिस

छात्रवृत्ति घोटाले में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी करने के बाद गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। एसआइटी के सामने पेशे होने के लिए अधिकारियों के पास केवल एक दिन है। यदि अधिकारी एसआइटी दफ्तर नहीं पहुंचते हैं तो उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू हो जाएगी। हालांकि अधिकारी अगर एसआइटी दफ्तर पहुंचते हैं तो पूछताछ के बाद कई लोगों की गिरफ्तारी भी तय मानी जा रही है।

एसआइटी ने हरिद्वार और देहरादून जनपद में हुए करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को बुधवार को नोटिस जारी किया था। करीब एक माह पहले एसआइटी ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जांच की अनुमति मांगी थी। 

शासन से अनुमति मिलने के बाद एसआइटी की टीम के सदस्य भानू पंवार ने संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल के कार्यालय और घर पर नोटिस चस्पा किया। इसके अलावा रिटायर्ड सहायक समाज कल्याण अधिकारी मुनीश त्यागी, विनोद कुमार और सोम प्रकाश को भी नोटिस जारी किए गए हैं। रिटायर्ड समाज कल्याण अधिकारी मुनीश जिले से बाहर बताए गए हैं। मुनीश के अलावा सभी अधिकारियों को एसआइटी ने शुक्रवार तक का समय दिया है। 

एसआइटी के प्रमुख मंजूनाथ टीसी ने बताया कि अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पूछताछ में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी अनुसार अगली कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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