Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जो दुनिया में नहीं, वह अब भी हैं बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष

    By BhanuEdited By:
    Updated: Fri, 21 Apr 2017 05:02 AM (IST)

    सरकारी वेबसाइट पर तो खेल विभाग की ओर से दी जा रही सूचना में उत्तराखंड बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष अब भी डॉ. आरएस टोलिया हैं। डॉ. टोलिया को दिवंगत हुए पांच ...और पढ़ें

    जो दुनिया में नहीं, वह अब भी हैं बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष
    जो दुनिया में नहीं, वह अब भी हैं बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष

    देहरादून, [गौरव गुलेरी]: उत्तराखंड बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष अब भी डॉ. आरएस टोलिया हैं। सरकारी वेबसाइट पर तो खेल विभाग की ओर से यही जानकारी दी जा रही है। डॉ. आरएस टोलिया को दिवंगत हुए पांच माह से ऊपर का समय बीत चुका है। इतना ही नहीं, बॉक्सिंग संघ के पदाधिकारियों को बदले भी लगभग तीन साल का वक्त गुजर चुका है। 

    हैरत देखिए कि खेल विभाग ने सालों पहले राज्य के खेल संघों व उनके पदाधिकारियों की जो जानकारी सरकारी वेबसाइट पर डाली थी, उसे न तो अपडेट किया गया और न पुरानी सूचियों को ही हटाया गया। अब विभागीय अधिकारी तर्क दे रहे कि खेल विभाग की अपनी वेबसाइट बनाने का काम चल रहा है। 

    आप प्रदेश के खेलों से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन सर्च करना चाहते हैं तो बेशक सरकारी वेबसाइट खंगाल सकते हैं। मगर, पहले इसकी वास्तविकता जरूर परख लें। कारण, खेल विभाग ने खेलों और खेल संघों से जुड़ी जानकारियां वेबसाइट पर तो डाल दीं, लेकिन उन्हें अपडेट करना भूल गया। 

    वेबसाइट पर खेल विभाग के ढांचे, संघों के पदाधिकारियों और विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जो जानकारी दी गई है, उसमें बदलाव हो चुका है। उदाहरण के लिए वेबसाइट पर खेल संघों की जो सूची डाली गई है, उसमें फुटबॉल संघ का अध्यक्ष राजीव मेहता को दर्शाया गया है। उन्हें यह पद छोड़े तीन साल से अधिक का अर्सा बीत गया। उनकी जगह रविंद्र किशन गायकवाड़ वर्तमान में अध्यक्ष हैं।

    खबरें और भी

    इसके अलावा टेनिस, एथलेटिक्स सहित कई ऐसे संघ हैं, जिनके पदाधिकारी बदल चुके हैं, पर इनकी जानकारी अपडेट नहीं है। वहीं कुछ संघ जैसे वूमैन हॉकी व क्रिकेट एसोसिएशन वजूद में ही नहीं हैं, फिर भी अब तक विभाग में सूचीबद्ध हैं। यहां तक कि खेल नीति के बारे में भी कोई विस्तृत जानकारी नहीं है, जबकि 2014 में नई खेल नीति वजूद में आ चुकी थी। 

    संयुक्त खेल निदेशक प्रशांत आर्य के अनुसार सरकारी वेबसाइट से पुरानी जानकारियां हटाने के लिए संबंधित एजेंसी को कहा जा रहा है। नए सिरे से खेल विभाग की वेबसाइट बनाने का काम चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही विभाग, खेल संघों आदि की अपडेट जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

    यह भी पढ़ें: फुटबाल में बूम लाएगा फीफा अंडर-17 विश्व कप: श्याम थापा

    यह भी पढ़ें: शिवम की शानदार पारी के दम पर जीता पिथौरागढ़ वॉरियर्स

    यह भी पढ़ें: उत्तराखंड पहुंचेगा यूरोप का प्राचीन खेल लॉन बाल, जानिए खासियत..