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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 05, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बीआरपी-सीआरपी को झटका, मूल विद्यालयों में लौटेंगे शिक्षक

    By Raksha PanthariEdited By:
    Updated: Sun, 05 May 2019 08:40 PM (IST)

    हाईकोर्ट से बीआरपी-सीआरपी पदों पर कार्यरत शिक्षकों को झटका लगा है। कोर्ट ने इन शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। ...और पढ़ें

    बीआरपी-सीआरपी को झटका, मूल विद्यालयों में लौटेंगे शिक्षक
    बीआरपी-सीआरपी को झटका, मूल विद्यालयों में लौटेंगे शिक्षक

    देहरादून, जेएनएन। बीआरपी-सीआरपी पदों पर कार्यरत शिक्षकों को हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने इन शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अब इन पदों पर कार्यरत शिक्षकों को अपने मूल विद्यालयों में लौटना होगा। 

    सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन व मॉनिटरिंग के लिए 1259 बीआरपी व सीआरपी की नियुक्ति की गई थी। वर्ष 2014 में बीआरपी व सीआरपी पदों पर नियुक्ति की नई व्यवस्था लागू की थी। इससे इन पदों पर माध्ममिक शिक्षकों की तैनाती का रास्ता भी साफ हो गया था।

    हालांकि उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने नियुक्ति की उक्त नई व्यवस्था का विरोध किया था। इसे लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ व राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ के बीच काफी तनातनी चलती रही। प्राथमिक शिक्षक संघ इन पदों पर माध्यमिक शिक्षकों की तैनाती का रास्ता खुलने से खफा था। बाद में विवाद बढ़ने पर दोनों ही पक्षों ने अदालत का रुख किया था। इस बीच केंद्र सरकार की ओर से सर्व शिक्षा अभियान को समाप्त कर समग्र शिक्षा अभियान की शुरुआत की गई। समग्र शिक्षा अभियान में बीआरपी और सीआरपी पदों की व्यवस्था नहीं की गई है। 

    राज्य सरकार ने इस वजह से बीआरपी व सीआरपी के 1259 पदों को समाप्त करने का आदेश बीते वर्ष जारी किया था। हाईकोर्ट में तमाम विचाराधीन याचिकाओं की वजह से बीआरपी और सीआरपी के सात सौ से अधिक पदों पर शिक्षक कार्यरत थे। अब 27 अप्रैल, 2019 को हाईकोर्ट ने उक्त संबंध में दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। इसके साथ ही अब 1259 पदों को खत्म करने का राज्य सरकार का आदेश भी प्रभावी हो गया है। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद सात सौ से अधिक शिक्षकों को बीआरपी और सीआरपी के पदों से हटना पड़ेगा। इस आदेश की जद में शिक्षक संगठनों के कई पदाधिकारी भी आ गए हैं। इन पदाधिकारियों को भी अब अपने मूल तैनाती पर ही जाना पड़ेगा। जिससे प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों को पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हो जाएंगे। 

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