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    उत्तराखंड में साहित्यिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, मुख्यमंत्री धामी ने की दो साहित्य ग्राम स्थापित करने की घोषणा

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 07:55 AM (IST)

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लेखकों को प्रोत्साहन देने और उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया, साथ ही '1000 पुस्तक दान अभिय ...और पढ़ें

    सीएम धामी।

    सीएम धामी।

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री धामी ने साहित्यकारों के साथ किया संवाद

    2. साहित्यिक पर्यटन हेतु दो साहित्य ग्राम स्थापित होंगे

    3. '1000 पुस्तक दान अभियान' को मिला मुख्यमंत्री का सहयोग

    राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशभर से आए वरिष्ठ लेखकों एवं साहित्यकारों के साथ संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि, राज्य में साहित्यिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दो साहित्य ग्राम स्थापित किए जाएंगे। साहित्यकारों के सम्मान के लिए साहित्य गौरव सम्मान और दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान भी संचालित हैं।
    रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवा सदन में आयोजित संवाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्यकार केवल समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि उसे सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं।

    उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सामाजिक चेतना के विस्तार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

    सीएम ने कहा कि राज्य सरकार साहित्यिक वातावरण को सशक्त बनाने और लेखकों को प्रोत्साहन देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नई पीढ़ी में अध्ययन और लेखन की संस्कृति विकसित करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।

    मुख्यमंत्री ने लेखकों व साहित्यकारों से संवाद कर उनके योगदान को सराहा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक ऋषि-मुनियों की तपोभूमि एवं कर्मभूमि रही है। इस भूमि ने भारतीय साहित्य को समृद्ध करने वाले अनेक साहित्यकार दिए हैं। सरकार उत्तराखंड भाषा संस्थान के माध्यम से पुराने, बिखरे और अप्रकाशित साहित्य के संग्रह, संरक्षण और प्रकाशन का कार्य करा रही है। साहित्यिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दो साहित्य ग्राम स्थापित करने की योजना पर भी काम चल रहा है।

    भाषा संस्थान कर रहा साहित्य का संरक्षण

    सीएम धामी ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक सोच की आधारशिला हैं तथा यह पहल युवाओं में पढ़ने की आदत विकसित करने में सहायक होगी। साहित्यकारों ने मुख्यमंत्री को अपनी स्वरचित पुस्तकें भेंट कीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक लेखक से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके साहित्यिक योगदान और वर्तमान लेखन पर चर्चा की। उन्होंने साहित्यकारों को बताया कि उत्तराखंड भाषा संस्थान के माध्यम से पुराने, बिखरे और अप्रकाशित साहित्य के संग्रह, संरक्षण और प्रकाशन का कार्य किया जा रहा है।

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    1000 पुस्तक दान अभियान को मिला मुख्यमंत्री का सहयोग

    हरेला पर्व के अवसर पर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘1000 पुस्तक दान अभियान’ को मुख्यमंत्री ने अपना सहयोग प्रदान किया। उन्होंने इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लेखकों की 50 पुस्तकें स्वयं खरीदकर रुद्रप्रयाग के सार्वजनिक पुस्तकालय को उपलब्ध कराने की घोषणा की।