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    UK Board 12th Topper: औसत से असाधारण, दसवीं में थे 72%; 12वीं में मेरिट लिस्ट में बनाया स्थान

    Updated: Sat, 25 Apr 2026 02:58 PM (IST)

    दसवीं में 72% अंक प्राप्त करने वाली मानसी ने अपनी पढ़ाई की रणनीति बदलकर उत्तराखंड बोर्ड 12वीं में 94.6% अंक हासिल किए। उन्होंने राज्य में 14वां और देह ...और पढ़ें

    मानसी मूल रूप से चमोली जिले के थराली की रहने वाली है।

    मानसी मूल रूप से चमोली जिले के थराली की रहने वाली है।

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। दसवीं में 72 प्रतिशत अंक के बाद मानसी ने ठहरने के बजाय अपनी पढ़ाई की दिशा बदली।

    यही फैसला उन्हें इंटरमीडिएट में 94.6 प्रतिशत, प्रदेश में 14वीं और दून में दूसरी रैंक तक ले आया। डीएवी इंटर कॉलेज की इस छात्रा ने साबित किया है कि सही रणनीति और निरंतर मेहनत से किसी भी शुरुआत को बड़ी उपलब्धि में बदला जा सकता है।

    देहरादून में दादा के साथ रहती है मानसी

    मूल रूप से चमोली जिले के थराली की रहने वाली मानसी वर्तमान में देहरादून में अपने दादा केदार सिंह के साथ रहकर पढ़ाई कर रही हैं। पिता महावीर सिंह इंदौर में इंजीनियर हैं, जबकि मां मालती देवी गृहिणी हैं। परिवार से दूर रहना चुनौतीपूर्ण जरूर रहा, लेकिन मानसी ने इसे अपनी पढ़ाई में बाधा नहीं बनने दिया।

    दसवीं के बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई की रणनीति पूरी तरह बदल दी। रटने की बजाय विषयों को समझने पर जोर दिया, समय का बेहतर प्रबंधन किया और रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई को समर्पित किए। निरंतरता और अनुशासन ने धीरे-धीरे उनकी तैयारी को मजबूत किया, जिसका परिणाम इस शानदार उपलब्धि के रूप में सामने आया।

    मानसी अपनी सफलता का श्रेय अपनी कक्षा अध्यापिका अंजू तिवारी और विद्यालय के अन्य शिक्षकों को देती हैं, जिन्होंने उन्हें सही दिशा और मार्गदर्शन दिया। वह अपनी बड़ी बहन से प्रेरित हैं और आगे चलकर सिविल सेवा में जाना चाहती हैं। उनके लिए यह सफलता केवल अंक नहीं, बल्कि उस बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ाया गया ठोस कदम है।

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    मानसी की यह यात्रा उन छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो किसी एक परिणाम से खुद को सीमित मान लेते हैं। यह कहानी बताती है कि अगर मेहनत की दिशा सही हो और प्रयास निरंतर हों, तो हर शुरुआत को असाधारण उपलब्धि में बदला जा सकता है।

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