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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarkhand Cabinet Meeting 28 अगस्‍त को, गैरसैंण विधानसभा सत्र संपन्न होने के बाद महत्वपूर्ण मानी जा रही बैठक

Updated: Sun, 25 Aug 2024 09:55 AM (IST)

Uttarkhand Cabinet Meeting उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक 28 अगस्त को होगी जिसमें नगर निकाय चुनाव आपदा राहत और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसले लिए जा स ...और पढ़ें

Uttarkhand Cabinet Meeting: पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल की बैठक 28 अगस्त को, File Photo
Uttarkhand Cabinet Meeting: पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल की बैठक 28 अगस्त को, File Photo

HighLights

  1. सुबह 11.30 बजे सचिवालय में होगी बैठक

राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। Uttarkhand Cabinet Meeting: पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल की बैठक 28 अगस्त को सुबह 11.30 बजे सचिवालय में होगी। गैरसैंण में विधानसभा सत्र संपन्न होने के बाद इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में नगर निकाय चुनाव, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों समेत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा का मुख्यमंत्री धामी पर पलटवार

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से राहुल गांधी और कांग्रेस से नेशनल कान्फ्रेंस को लेकर पूछे गए सवालों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार से सवाल पूछे हैं, उनके जवाब अब तक नहीं मिले हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने एक बयान में कहा कि जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव में नेशनल कान्फ्रेंस के साथ कांग्रेस के गठबंधन से भाजपा में बौखलाहट है। ये वही नेशनल कान्फ्रेंस है, जिसके साथ भाजपा के साथ लंबे समय तक गठबंधन रहा। फारुख अब्दुल्ला केंद्र की भाजपानीत सरकार में लंबे समय तक मंत्री रहे। तब भाजपा को नेशनल कान्फ्रेंस में खोट नजर नहीं आया।

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यही नहीं, महबूबा मुफ्ती की पीडीपी के साथ भी भाजपा का गठबंधन रहा है। भाजपा ने ही महबूबा को जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री बनाया। तब भाजपा को पीडीपी भी देशभक्त नजर आती थी। माहरा ने कहा कि भाजपा की यह दोहरी राजनीति नहीं चलेगी। कांग्रेस अगर किसी भी राज्य में वहां के निवासियों के हक की लड़ाई लड़ती है तो उसमें भाजपा को बुराई नजर आती है।

कांग्रेस को भाजपा से देश भक्ति का प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। जम्मू कश्मीर हो या देश के किसी भी राज्य में कोई भी अगर गैर कानूनी काम करता है और देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है तो कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गृहमंत्री अमित शाह को यह भी बताना चाहिए कि 11 वर्षों से देश में किसकी सरकार है। जम्मू-कश्मीर में कौन शासन कर रहा है। अगर वहां पर कुछ भी कानून के विरुद्ध हो रहा है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

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