देहरादून में डरा रही बारिश: सात सड़कें बंद, 50 जगह जलभराव; टपकेश्वर में विकराल हुई तमसा नदी
देहरादून में सोमवार रात से जारी भारी बारिश के कारण सात ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हो गए हैं और 50 जलभराव की शिकायतें मिली हैं।
HighLights
देहरादून में भारी बारिश से सात ग्रामीण सड़कें बंद
टपकेश्वर के पास तमसा नदी हुई विकराल, मार्ग बाधित
जिले में 50 जलभराव की शिकायतें दर्ज की गईं
जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून जिले में सोमवार रात से जारी वर्षा के बीच मंगलवार सुबह नौ बजे तक औसतन 47.65 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते जिले में सात ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हैं।
वहीं जलभराव की 50 शिकायतें जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को मिली हैं। प्रशासन ने बंद मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय किया है और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
तमसा नदी हुई विकराल
पौराणिक श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर के समीप बहने वाली तमसा नदी ने मंगलवार को अचानक विकराल रूप धारण कर लिया। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से माता वैष्णो देवी गुफा योग मंदिर, संतोषी माता मंदिर और आर्मी क्षेत्र को पीछे से जोड़ने वाला मार्ग करीब एक घंटे तक बाधित रहा।
अचानक बढ़े जलस्तर से आसपास मौजूद लोगों में भी चिंता की स्थिति बनी रही। कुछ समय बाद तमसा नदी का जलस्तर घट गया है और मार्ग पर आवागमन सामान्य हो गया है। माता वैष्णो देवी गुफा योग मंदिर टपकेश्वर के संस्थापक योगाचार्य डा. बिपिन जोशी ने बताया कि मंदिर आने वाले भक्तों को भी कुछ देर तक इंतजार करना पड़ा।
मंगलवार सुबह जारी आपदा स्थिति रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और मुख्य जिला मार्गों पर आवागमन सुचारू है। इसके विपरीत ग्रामीण मार्गों पर सात स्थानों पर यातायात बाधित है।
रिपोर्ट में बंद मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की ओर से कार्रवाई जारी होने की जानकारी दी गई है। 15 जून से अब तक खुले मार्गों की संख्या 602 और वर्तमान में बंद मार्गों की संख्या सात दर्ज की गई है।
नदियां चेतावनी सीमा के करीब
बारिश के कारण जिले की प्रमुख नदियों के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर है। सुबह की रिपोर्ट में गंगा नदी का वर्तमान जलस्तर 339.48 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 339.50 मीटर है। यमुना का जलस्तर 454.76 मीटर रहा, जो 455.37 मीटर के चेतावनी स्तर से नीचे है। टोंस नदी का जलस्तर 644.40 मीटर दर्ज हुआ, जबकि चेतावनी स्तर 644.60 मीटर है।
38 पेड़ गिरने की शिकायतें, 37 का निस्तारण
बारिश के बीच 15 जून से अब तक पेड़ गिरने से संबंधित 38 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 37 का निस्तारण किया जा चुका है। एक मामले में कार्रवाई गतिमान है।
पेयजल से संबंधित 23 शिकायतों में 22 का निस्तारण हो चुका है, जबकि जलभराव से जुड़ी 50 शिकायतें दर्ज हैं। नगर निगम क्षेत्र में 23 जीर्ण-शीर्ण भवन भी चिह्नित किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार तीन अतिसंवेदनशील स्थलों पर नगर निगम की टीम निगरानी कर रही है।
जिले में बाढ़, भूस्खलन अथवा मानव-वन्यजीव संघर्ष की कोई नई घटना दर्ज नहीं की गई है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने मौसम की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों से लगातार समन्वय बनाए रखने की जानकारी दी है।
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