उत्तराखंड में LPG आपूर्ति पर सख्ती, हर जिले में निर्बाध गैस उपलब्धता के निर्देश
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने उत्तराखंड में एलपीजी आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर ...और पढ़ें

एलपीजी सिलेंडर।
HighLights
घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करें।
अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दें।
पीएनजी और पिरुल ब्रिकेट्स के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। प्रदेश में एलपीजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के सिलिंडरों की आपूर्ति मांग के अनुरूप समय पर सुनिश्चित की जाए, ताकि कहीं संकट की स्थिति न बने।
बैठक में जनपदवार गैस आपूर्ति की स्थिति का आकलन करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर निर्बाध आपूर्ति की जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को एलपीजी स्टेट कोआर्डिनेटर के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने और जरूरत के अनुसार आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
शहरी विस्तार को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों से नगर निकायों में शामिल हुए इलाकों को तेल कंपनियों के सिस्टम में अपडेट करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा, ताकि वहां भी गैस आपूर्ति में कोई बाधा न आए।
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इसके साथ ही उन्होंने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को इसके लिए प्रेरित करने की बात कही। वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में पिरुल (चीड़ की पत्तियों) से बने ब्रिकेट्स के उपयोग को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।
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उन्होंने कहा कि इससे एलपीजी पर निर्भरता कम होगी और जंगलों में पिरुल के निस्तारण से आग की घटनाओं पर भी नियंत्रण में मदद मिलेगी। बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनाई, सचिव विनोद कुमार सुमन, आनंद स्वरूप तथा यूकास्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।