उत्तराखंड में 1 अक्टूबर से बिना डिजिटल एकीकरण वाले खनन पट्टों का ई-रवन्ना बंद, अवैध परिवहन के खिलाफ विभाग का बड़ा एक्शन
खनन विभाग ने उत्तराखंड में अवैध खनन व खनिज परिवहन रोकने को डिजिटल निगरानी अनिवार्य की है। एक अक्टूबर से ...और पढ़ें

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HighLights
अवैध खनन व परिवहन रोकने को डिजिटल निगरानी अनिवार्य।
एक अक्टूबर से ई-रवन्ना केवल एकीकृत इकाइयों से जारी।
धर्मकांटा, सीसीटीवी को MDTSS से जोड़ना होगा अनिवार्य।
विकास गुसाईं, देहरादून। प्रदेश में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर शिकंजा कसने के लिए खनन विभाग ने डिजिटल निगरानी व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है। एक अक्टूबर, 2026 से केवल उन्हीं खनन पट्टों, स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांटों से ई-रवन्ना जारी हो सकेगा, जहां कंप्यूटरीकृत धर्मकांटा (वेब्रिज), सीसीटीवी कैमरा और रीडर व स्कैनर विभाग के माइनिंग डिजिटल ट्रांसफार्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम (एमडीटीएसएस) के माध्यम से एकीकृत होंगे। इसके लिए सभी संबंधित इकाइयों को 15 सितंबर तक एकीकरण पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सिस्टम में रहेगा वजन और वाहन का पूरा ब्योरा
एमडीटीएसएस के माध्यम से खनिज परिवहन करने वाले वाहनों का सही वजन और वाहन संबंधी विवरण सीधे विभागीय साफ्टवेयर में प्रदर्शित होगा। इससे ई-रवन्ना जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और खनिज परिवहन की डिजिटल निगरानी मजबूत होगी।
विभागीय वेबसाइट पर तकनीकी मानक
विभाग ने एमडीटीएसएस साफ्टवेयर के तकनीकी मानक अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए हैं। खनन पट्टाधारकों और स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार उपकरणों का एकीकरण कराएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक अक्टूबर के बाद गैर-एकीकृत इकाइयों का ई-रवन्ना पोर्टल संचालित नहीं होगा।
निदेशक खनन राजपाल लेघा के अनुसार योजना के पहले चरण में प्रदेश के सभी स्वीकृत स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट आदि में स्थापित कंप्यूटरीकृत धर्मकांटों और सीसीटीवी कैमरों को एमडीटीएसएस साफ्टवेयर से एपीआइ के जरिए जोड़ा जा चुका है।
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अब खनन पट्टों में लगे धर्मकांटों, सीसीटीवी कैमरों और आरएफआइडी रीडर, स्कैनर के साथ ही क्रशर व स्क्रीनिंग प्लांटों में लगे आरएफआइडी उपकरणों का एकीकरण किया जा रहा है।
