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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Uttarakhand News: धामी सरकार ने संविदा खेल प्रशिक्षकों के मानदेय में की बढ़ोतरी, इन छह श्रेणियों को मिलेगा लाभ

    By Vikas gusainEdited By: riya.pandey
    Updated: Fri, 22 Sep 2023 11:58 AM (IST)

    Contract Sports Trainers प्रदेश सरकार ने संविदा खेल प्रशिक्षकों के मानदेय में वृद्धि कर दी है। इसके लिए खेल प्रशिक्षकोंं की छह श्रेणियां तय की गई हैं। ...और पढ़ें

    Contract Sports Trainers: प्रदेश सरकार ने संविदा खेल प्रशिक्षकों के मानदेय में की वृद्धि
    Contract Sports Trainers: प्रदेश सरकार ने संविदा खेल प्रशिक्षकों के मानदेय में की वृद्धि

    HighLights

    1. प्रदेश सरकार ने संविदा खेल प्रशिक्षकों के मानदेय में की वृद्धि
    2. मानदेय के लिए छह श्रेणियों में वर्गीकृत किए गए प्रशिक्षक
    3. 12 हजार से लेकर 45 हजार रुपये तक दिया जाएगा मानदेय

    राज्य ब्यूरो, देहरादून: Contract Sports Trainers: प्रदेश सरकार ने संविदा खेल प्रशिक्षकों के मानदेय में वृद्धि कर दी है। इसके लिए खेल प्रशिक्षकोंं की छह श्रेणियां तय की गई हैं। इन छह श्रेणियों में प्रशिक्षकों को 12 हजार से लेकर 45 हजार रुपये तक मानदेय दिया जाएगा। मानदेय की संशोधित दरें एक अक्टूबर से लागू की जाएंगी।

    खेल मंत्री ने मुख्यमंत्री धामी का व्यक्त किया आभार

    खेल मंत्री रेखा आर्या (Rekha Arya) ने इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि बेहतर खिलाड़ियों को तराशने के लिए खेल प्रशिक्षकों का मानदेय सम्मानजनक होना आवश्यक है। इस क्रम में सरकार ने यह आदेश जारी किया है। पूर्ण मानदेय प्राप्त करने के लिए इन्हें प्रतिदिन सात से आठ घंटे कार्य करना होगा।

    प्रदेश में खेल प्रशिक्षकों का मानदेय काफी हद तक था कम

    बता दें कि प्रदेश में खेल प्रशिक्षकों का मानदेय काफी कम था। इसी कारण अच्छे प्रशिक्षक खेल विभाग के स्थान पर निजी खेल संस्थानों में कोचिंग देने को वरीयता देते हैं। इसे देखते हुए खेल विभाग ने प्रशिक्षकों का मानदेय बढ़ाने का फैसला लिया। इसे कैबिनेट ने भी अपनी मंजूरी प्रदान कर दी थी। अब इसका शासनादेश जारी हो गया है। इसमें प्रशिक्षकों को छह श्रेणी में रखा गया है।

    1. पहली श्रेणी में अर्जुन अथवा द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त, ओलिंपिक, विश्व कप में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ी, राष्ट्रमंडल व एशियाई खेलों के पदक विजेता होने के साथ ही एनआइएस से नियमित पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले डिप्लोमाधारी खिलाड़ी व प्रशिक्षकों को रखा गया है। इन्हें 45 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।

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  • दूसरी श्रेणी में एशियाई, राष्ट्रमंडल के पदक विजेता खिलाड़ी व प्रशिक्षक, एशियाई व राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेेने वाले ऐसे खिलाड़ी व प्रशिक्षक, जिन्होंने एनआइएस का डिप्लोमा किया है, को शामिल किया गया है। इन्हें 35 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।
  • तीसरी श्रेणी में एशियाई व राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी, अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी और एनआइएस से नियमित प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले डिप्लोमाधारियों को शामिल किया गया है। इन्हें 25 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।
  • चौथी श्रेणी में सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में पदक विजेता खिलाड़ी व प्रशिक्षकों को रखा गया है। इन्हें 20 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।
  • पांचवी श्रेणी में सीनियर वर्ग नेशनल, अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगता में पदक विजेता व अखिल भारतीय प्रतियोगिता में पदक विजेताओं को रखा गया है। इन्हें 15 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।
  • छठी श्रेणी में अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में प्रतिभाग, सीनियर नार्थ जोन प्रतियोगिता में प्रतिभाग, जूनियर नेशनल, सब जूनियर नेशनल, नेशनल स्कूल गेम्स के पदक विजेताओं, एनआइएस प्रमाण पत्र धारी, भारतीय सेवा में सर्विसेज, कमांड, अखिल भारतीय पुलिस प्रतियोगिता में पदक विजेता खिलाड़ी व प्रशिक्षकों को शामिल किया गया है। इन्हें 12 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।
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    प्रशिक्षकों को प्रोत्साहन देने के लिए सम्मानजनक किया गया मानदेय- खेल मंत्री

    उत्तराखंड की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या के अनुसार, खेलों की गुणवत्ता सुधारने और प्रशिक्षकों को प्रोत्साहन देने के लिए उनका मानदेय सम्मानजनक किया गया है। इन बदली हुए परिस्थितियों में विभाग में चली आ रही प्रशिक्षकों की कमी भी दूर हो सकेगी।

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