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    तंज और तोहफे के बीच से उठती सियासी सुगंध, मुख्यमंत्री धामी ने हरदा को भेंट किए अपने खेत में उपजाये चावल

    Updated: Fri, 30 Jan 2026 10:51 PM (IST)

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरीश रावत को अपने खेत में उपजाया सुगंधित चावल भेंट किया। यह भेंट छह माह पहले रावत द्वारा धामी के खेत में हल जोतने की त ...और पढ़ें

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को चावल का कट्टा भेंट किया। वहीं, पांच जुलाई 2025 को खटीमा के नगलातराई स्थित अपने खेत में हल जोतते मुख्यमंत्री धामी।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को चावल का कट्टा भेंट किया। वहीं, पांच जुलाई 2025 को खटीमा के नगलातराई स्थित अपने खेत में हल जोतते मुख्यमंत्री धामी।

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    केदार दत्त, जागरण देहरादून। सियासत में भाषण, बयान,  टिप्पणी, व्यंग्य, तंज, इन सबके अपने-अपने मायने होते हैं। इन टिप्पणियों और तंज का जवाब भी अक्सर सियासी अंदाज में दिया जाता है।

    आज से करीब छह माह पहले बीते साल पांच जुलाई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का खटीमा स्थित अपने गांव नगलातराई में खेत में हल जोतते हुए फोटो खूब चर्चित हुआ था।

    तब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तंज किया था कि मुख्यमंत्री धामी राहुल गांधी का अनुसरण कर रहे हैं।

    CM Dhami And Ex CM Rawat (1)

    दरअसल, इससे कुछ दिनों पहले धान के खेत में रोपाई करते हुए राहुल की तस्वीर चर्चा में थी। तब धामी को शायद हरदा का यह तंज मानो चुभ गया था। मुख्यमंत्री ने रावत के उस तंज का शुक्रवार को  मानो जवाब दे दिया।

    उन्होंने कांग्रेस नेता को नगलातराई के अपने खेत में उपजा हुआ सुगंधित चावल का एक कट्टा भेंट किया। निश्चित रूप से यह सुगंध सियासत की बगिया से उठ रही थी।

    CM Dhami Old Photo

    शुक्रवार को सरकारी कामकाज निबटाने के बाद मुख्यमंत्री धामी शाम को सबसे पहले तो पूर्व राज्यपाल व पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी से मिलने उनके डिफेंस कालोनी स्थित आवास पर गए। उन्हें पद्मभूषण मिलने की बधाइयां दीं।

    वहां से निकलने के बाद मुख्यमंत्री का काफिला पड़ोस स्थित हरीश रावत के आवास की तरफ मुड़ गया।  धामी मुस्कुराते हुए हरदा से मिले। उनका अभिवादन किया और उनके दीर्घायु होने की कामना भी की। 

    लगे हाथ यह भी बताया कि वह नगलातराई के अपने खेत में उपजाया चावल उपहार स्वरूप लेकर आए हैं। हरदा ने भी भेंट को सहर्ष स्वीकार करते हुए इस स्नेहिल व्यवहार और आत्मीयता के लिए धामी का आभार जताया।

    CM Dhami News

    धामी ने सीधे-सीधे तो यह नहीं कहा कि यह उपहार छह महीने पहले हरदा के उस तंज का जवाब है, जिसमें उन्हें नकलची किसान कहा गया था, लेकिन चावल से उठ रही सुगंध बहुत कुछ कह रही थी।

    धामी तो बस इतना बोले कि यह भेंट उत्तराखंड की कृषि परंपरा, किसानों की मेहनत और स्थानीय उत्पादों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। परंपरा, माटी और जमीन की बात कहकर धामी ने हरदा को प्रकारांतर से यह जवाब भी दिया कि खेती-किसानी उनके लिए कोई अनजानी या दिखावटी बात नहीं है।

    यह तो उनके खून में रची-बसी है। घुटने भर पानी और कीचड़ से सने खेत में हल चलाने के लिए उन्हें राहुल गांधी से कुछ भी सीखने की जरुरत नहीं है। वह असली धरतीपुत्र हैं। इस उपहार के साथ मुख्यमंत्री ने हरदा के साथ-साथ अपने तमाम विरोधियों को भी यह संदेश दिया कि सियासत में कदम रखने से पहले उन्होंने खेतों में हल भी चलाया है और जमीन पर पसीना बहाया है।

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