Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तराखंड: पहाड़ से मैदान तक भारी बारिश से हाहाकार, 10 जिलों के स्कूलों में आज छुट्टी; 107 सड़कें बंद

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 08:23 AM (IST)

    उत्तराखंड में 24 घंटे की मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव हुआ है। ...और पढ़ें

    सहस्त्रधारा के पास बारिश में सड़क का एक हिस्सा बह जाने के बाद मरम्मत का काम किया जा रहा हैं। PTI

    सहस्त्रधारा के पास बारिश में सड़क का एक हिस्सा बह जाने के बाद मरम्मत का काम किया जा रहा हैं। PTI

    HighLights

    1. उत्तराखंड में 24 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा

    2. 10 जिलों में शुक्रवार को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

    3. भूस्खलन से 107 संपर्क मार्ग बंद, बदरीनाथ मार्ग भी प्रभावित

    जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में 24 घंटे से लगातार हो रही मूसलधार वर्षा ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। पर्वतीय जिलों में भूस्खलन से सड़कें बाधित हो गईं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में जलभराव से कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए।

    वर्षा का सबसे अधिक असर ऊधमसिंह नगर के काशीपुर और हरिद्वार जिले के रुड़की में देखने को मिला। यहां शहर और ग्रामीण इलाकों में जलभराव हो गया। प्रदेश में 24 घंटों में सर्वाधिक 206 मिमी वर्षा काशीपुर में दर्ज की गई।

    लगातार वर्षा के कारण प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से चार से आठ डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। राज्य में 107 संपर्क मार्ग भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हैं। नैनीताल झील का जलस्तर बढ़ गया और नौकायन रोकना पड़ा।

    मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए भी कई जिलों में भारी वर्षा को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। अलर्ट को देखते हुए देहरादून, पौड़ी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और बागेश्वर में शुक्रवार को 12 वीं तक के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर किया गया है।


    बंद मार्गों ने बढ़ाई परेशानी

    चमोली और कर्णप्रयाग क्षेत्र में भारी वर्षा से हालात गंभीर बने हुए हैं। कर्णप्रयाग-पिंडरघाटी क्षेत्र में कई मोटर मार्ग और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि चमोली में बदरीनाथ हाईवे पर भनेरपानी के पास भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग साढ़े तीन घंटे तक बंद रहा। गढ़वाल में 20 से अधिक मार्ग भूस्खलन से बार-बार बंद होने की सूचना है।

    कुमाऊं में कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर चंपा मंदिर के पास विशाल चट्टानें खिसकने से चीन सीमा से संपर्क प्रभावित हो गया। ऊधमसिंह नगर को छोड़ कुमाऊं के पांच जिलों में 54 सड़कें मलबा और भूस्खलन के कारण बंद हैं। टिहरी जिले में भूस्खलन की चपेट में आने से एक पुराना घर क्षतिग्रसत हो गया।

    खबरें और भी

    आज भी कई जिलों में अलर्ट

    मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत में रेड अलर्ट, जबकि देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और बागेश्वर में आरेंज अलर्ट जारी किया है। भारी से अत्यंत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और तेज वर्षा के दौर की चेतावनी दी गई है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने लोगों ने अपील की है कि इस दौरान गैर जरूरी यात्रा से बचें और पहाड़ी व भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों से जाने से परहेज करें।

    नदियों का जलस्तर बढ़ा

    वर्षा के कारण प्रमुख नदियां उफान पर हैं और कई जगहों पर जलस्तर बढ़ रहा है। अलकनंदा (श्रीनगर), पिंडर (कर्णप्रयाग), गंगा (देवप्रयाग और ऋषिकेश), काली (धारचूला), सरयू (पिथौरागढ़) और गौरी (जौलजीबी) नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। हालांकि ये नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।

    यह भी पढ़ें- नैनीताल में भारी बारिश का रेड अलर्ट, रात से पड़ रही बौछार; बागेश्वर में सरयू-गोमती उफान पर

    image

    लगातार बारिश से बदरीनाथ हाईवे हुआ खतरनाक। भनेरपानी में कुछ इस तरह हैं हालात। जागरण

    image

    लक्सर में निर्माणाधीन मकान में पानी में फंसे पिता पुत्र को निकालती एसडीआरएफ की टीम। जागरण

    image

    भारी वर्षा से गुर्जर बस्ती में बही सड़क का निरीक्षण करते तहसील के अधिकारी। जागरण

    image

    गुरुवार को भारी बारिश के बाद हरिद्वार में भारी जलभराव हो गया। जागरण