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    खुशखबरी! उत्तराखंड में अब घर बैठे दर्ज होंगी जमीन संबंधी शिकायतें, CM धामी जल्द लांच करेंगे नया पोर्टल

    Updated: Mon, 12 Jan 2026 08:21 AM (IST)

    उत्तराखंड सरकार आमजन को सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने के लिए राजस्व न्यायालयों की प्रक्रिया ऑनलाइन कर रही है। इसके लिए RCMS पोर्टल तैयार किया जा रहा है, ...और पढ़ें

    अब घर बैठे भी दाखिल कर सकेंगे भूमि संबंधी वाद, सीएम धामी जल्द लांच करेंगे नया पोर्टल

    अब घर बैठे भी दाखिल कर सकेंगे भूमि संबंधी वाद, सीएम धामी जल्द लांच करेंगे नया पोर्टल

    HighLights

    1. राजस्व न्यायालयों की प्रक्रिया अब ऑनलाइन होगी।

    2. RCMS पोर्टल से घर बैठे दर्ज होंगे भूमि विवाद।

    3. पारदर्शिता बढ़ेगी, 50 हजार लंबित वादों का निपटारा।

    केदार दत्त, जागरण देहरादून। आमजन को सस्ता, सुलभ व सरल न्याय दिलाने की अवधारणा को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से सरकार महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। इस कड़ी में राजस्व न्यायालयों की प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है। इसके लिए राजस्व विभाग आरसीएमएस (रेवेन्यू कोर्टकेस मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल तैयार करा रहा है।

    इसके माध्यम से लोग भूमि के खारिज-दाखिल, सीमांकन समेत अन्य राजस्व संबंधी विवादों के दृष्टिगत घर बैठे ही वाद दायर कर सकेंगे। सरकार की यह पहल राजस्व न्यायालयों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

    डिजिटल क्रांति के इस दौर में राजस्व विभाग और उत्तराखंड राजस्व परिषद आमजन से जुड़ी सेवाओं को ऑनलाइन कर रहे हैं। बीते दिवस ही राजस्व संबंधी छह सेवाओं के इतने ही वेब पोर्टल लांच किए गए। इसके अलावा अपणि सरकार के माध्यम से जाति, आय, मूल निवास, अधिवास, हैसियत प्रमाणपत्र समेत आठ सेवाएं ऑनलाइन मिल रही हैं।

    अब विभाग ने एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए राजस्व न्यायालयों में आमजन की सुविधा के दृष्टिगत आरसीएमएस पोर्टल पर ध्यान केंद्रित किया है। एनआईसी के सहयोग से यह पोर्टल बनाने का काम अंतिम चरण में है और शीघ्र ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इसे लांच करेंगे।

    ऐसे दर्ज कर सकेंगे शिकायत

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    आरसीएमएस पोर्टल पर जाकर शिकायत के साथ खतौनी, पहचान पत्र और विवाद से जुड़े दस्तावेज अपलोड किए जाएंगे। साथ ही न्यायालय का चयन करना होगा। इसके बाद जिस न्यायालय से संबंधित वाद होगा, वहां से वाद के स्वीकार होने से लेकर सुनवाई की तिथि की जानकारी मोबाइल फोन पर एसएमएस अथवा मेल से मिलेगी। निर्णय आने पर आदेश की प्रति भी ऑनलाइन डाउनलोड की जा सकेगी।

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    यह होंगे फायदे

    • सभी राजस्व न्यायालयों में कामकाज होगा पेपरलेस
    • भूमि सबंधी वाद इस पोर्टल के जरिये किए जा सकेंगे दाखिल।
    • न्यायालय शुल्क भी पेमेंट गेटवे से हो सकेगा जमा
    • ऑनलाइन देखी जा सकेगी किसी भी वाद की अद्यतन स्थिति
    • वादकारियों के समय और धन की होगी बचत

    राजस्व वादों के निपटारे में आएगी तेजी

    प्रदेश में तहसीलदार, एसडीएम, डीएम, कमिश्नर और राजस्व परिषद न्यायालयों में राजस्व संबंधी 50 हजार से ज्यादा वाद लंबित हैं। न्यायालयों की प्रक्रिया आनलाइन होने से वादों के निपटारे में तेजी आएगी। राजस्व सचिव डॉ एसएन पांडेय के अनुसार इस पहल से राजस्व न्यायालयों पर दबाव रहेगा। साथ ही कामकाज में पारदर्शिता आएगी और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

    सबसे अहम यह कि आमजन को बड़ी सहूलियत मिलेगी और उन्हें राजस्व न्यायालयों के चक्कर काटने के झंझट से निजात मिलेगी। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों व्यवस्थाएं रहेंगी। कुछ समय बाद पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी।