विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

देहरादून-दिल्ली ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर बस युद्ध, UP की 26 बसों के विरोध में उतरा उत्तराखंड रोडवेज

Published: Sun, 23 Aug 2026 07:33 AM (IST)

उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने देहरादून-दिल्ली ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर यूपी परिवहन निगम की 26 अतिरिक्त बसों के प्रस्ताव का ...और पढ़ें

AI Image

AI Image

HighLights

  1. यूपी की 26 अतिरिक्त बसों के प्रस्ताव का विरोध।

  2. उत्तराखंड रोडवेज को राजस्व हानि का डर।

  3. कर्मचारियों को जून-जुलाई का वेतन नहीं मिला।

जागरण संवाददाता, देहरादून। देहरादून-दिल्ली ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों को 26 अतिरिक्त ट्रिप देने के प्रस्ताव को लेकर उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने विरोध का बिगुल फूंक दिया है। परिषद ने उत्तराखंड परिवहन निगम प्रबंधन को नोटिस भेजकर 24 अगस्त को प्रस्तावित बैठक तुरंत निरस्त करने और इस मार्ग पर अतिरिक्त ट्रिप समय नहीं देने की मांग की है। मांग नहीं मानी गई तो संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

परिषद के प्रदेश महामंत्री दिनेश चंद पंत की ओर से भेजे नोटिस में कहा गया है कि उत्तराखंड परिवहन निगम वर्तमान में ग्रीन एक्सप्रेस-वे के जरिए अपनी वोल्वो, वातानुकूलित और अन्य बस सेवाएं सुबह करीब चार बजे से रात साढ़े 12 बजे तक संचालित कर रहा है। इस मार्ग से निगम को प्रतिदिन करीब 40 लाख रुपये की आय हो रही है।

ऐसे में इसी मार्ग पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को 26 अतिरिक्त प्रस्थान समय देना उत्तराखंड निगम के आय-सृजक मार्ग को सीधे प्रभावित करेगा। परिषद का तर्क है कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों के लिए ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर कोई बस अड्डा, बस स्टेशन, निर्धारित स्टाप नहीं है। ये बसें उत्तर प्रदेश की भौगोलिक सीमा से होकर गुजरते हुए यात्रियों को मुख्य रूप से उत्तराखंड से दिल्ली ले जाती हैं। परिषद ने इसे पारस्परिक परिवहन करार की भावना के विपरीत बताया है।

परिषद ने अन्य मार्गों पर बस संचालन से जुड़े विवादों का भी हवाला दिया है। कहा है कि उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों को जून और जुलाई 2026 का वेतन अब तक नहीं मिला है और अगस्त भी समाप्ति की ओर है। इससे कर्मचारियों में आर्थिक संकट और आक्रोश बढ़ रहा है।

यह भी पढ़ें- Uttarakhand Weather Today: उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी, कई जिलों में येलो अलर्ट, सप्ताहभर में धीमा पड़ सकता है मानसून

परिषद ने मांग की है कि ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर अतिरिक्त प्रस्थान समय देने का प्रस्ताव निरस्त किया जाए। साथ ही दोनों राज्यों में बस संचालन की असमान परिस्थितियों की समीक्षा कर पारस्परिकता सुनिश्चित की जाए। मांगों पर सकारात्मक निर्णय न होने पर संगठन ने लोकतांत्रिक एवं संगठित आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।