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    उत्तराखंड में एसआईआर: एक व्यक्ति हटवा सकता है अधिकतम पांच वोटर्स के नाम, भरना होगा फॉर्म सात

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 11:06 AM (IST)

    उत्तराखंड में ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिसमें एक व्यक्ति अधिकतम पांच मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आवेदन कर सकत ...और पढ़ें

    इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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    राज्य ब्यूरो, देहरादून । उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अब दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया तेज हो गई है।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने स्पष्ट किया है कि एक व्यक्ति अधिकतम पांच मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म सात पर आवेदन कर सकता है।

    इससे अधिक आवेदन होने पर संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) ऐसे प्रकरणों की व्यक्तिगत जांच कराएंगे। उद्देश्य यह कि एक व्यक्ति द्वारा किसी पूरे परिवार का नाम काटने के लिए आवेदन न किया जा सके।

    ड्राफ्ट मतदाता सूची की डिजिटल प्रति सौंपी

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बुधवार को सचिवालय में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ड्राफ्ट मतदाता सूची की डिजिटल प्रति सौंपी।

    बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एसआईआर के प्रथम चरण के पूरा होने के बाद 14 जुलाई को प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। इसमें 71,33,785 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। वहीं, लगभग 8.26 लाख मतदाता एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित और संदिग्ध) श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद 14 जुलाई से 11 सितंबर तक नोटिस जारी करने और दावे-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया चलेगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर, 2026 को किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल करीब 19 लाख मतदाताओं के विवरण में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां मिली हैं। संबंधित ईआरओ और एईआरओ इन मतदाताओं को नोटिस जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि हर बूथ लेवल अधिकारी को नए मतदाता बनाने के लिए 100-100 फॉर्म उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि जिन मतदाताओं का नाम सूची में शामिल नहीं हो सका है, उनका नाम फिर से सूची में शामिल कराया जा सके।

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    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से अपील की कि नोटिस चरण में उनके बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बन सके। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे सहित विभिन्न राष्ट्रीय दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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