Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तराखंड में एसआईआर: वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का एक और मौका, ये है लेटेस्ट अपडेट

    Updated: Sun, 12 Jul 2026 07:53 AM (IST)

    उत्तराखंड के नैनीताल जिले में 14 जुलाई से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट बीएलओ के पास उपलब्ध होगी, जहां नाम जुड़वाए जा सकेंगे। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर।

    प्रतीकात्मक तस्वीर।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के एक महीने तक घर-घर हुए सर्वे के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट बनकर तैयार हो चुकी है। किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम अगर इस मतदाता सूची में न हो तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है।

    14 जुलाई से 13 अगस्त तक यानी एक महीने तक उसके पास बतौर वोटर नाम दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के बीएलओ (बूथ लेवल आफिसर) से मिलना जरूरी है। बीएलओ के पास मौजूद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को चेक करने के बाद फार्म भर जमा करना होगा।

    उत्तराखंड में एसआईआर का दौर

    विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड में एसआईआर का दौर चल रहा है। आठ जून से आठ जुलाई तक बीएलओ ने घर-घर जाकर वोटरों का सर्वे करने के साथ ही फार्म भी भरवाए थे।

    सर्वे पूरा होने के बाद पता चला कि नैनीताल जिले की छह विधानसभाओं से जुड़े 7,65,135 मतदाताओं में से अन-कलेक्टिबल पाए गए। इस वर्ग में अलग-अलग श्रेणी के नामों को शामिल किया गया है। 10182 लोगों की मौत हो चुकी है।

    45763 दूसरी जगह शिफ्ट हो गए और 4480 नाम पहले से दूसरे स्थानों पर पंजीकृत पाए गए। इसके अलावा 11142 चेहरे ऐसे भी थे। जिनसे कई प्रयासों के बाद भी बीएलओ का संपर्क नहीं हो पाया।

    वहीं, इस सर्वे के आधार पर ही ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को तैयार किया गया है। 14 जुलाई से यह बूथ वार सूची बीएलओ के पास उपलब्ध होगी। जिसे चेक कर लोग अपना नाम जुड़वा सकते हैं।

    किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम अंतिम मतदाता सूची से नहीं हटेगा। 14 जुलाई से 13 अगस्त तक बीएलओ के पास मौजूद सूची को चेक कर नाम न होने की स्थिति में फार्म भर आवेदन करना होगा। एक जुलाई 2026 को 18 साल आयु पूरी करने वाले नए वोटरों को भी मौका मिलेगा। - एपी वाजपेयी, सिटी मजिस्ट्रेट

    यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में लास्ट फेज में एसआईआर, लेकिन इन मतदाताओं की दोबारा होगी जांच

    यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में एसआईआर अभियान: जहां ज्यादा मतदाता कम, वहां होगी गहन निगरानी

    खबरें और भी