यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड, कोहरे से रेल सेवाएं भी प्रभावित, गिरता तापमान करेगा बुरा हाल
Uttarakhand Weather उत्तराखंड में पड़ रही कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार अगले दो दिन ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड से जनजीवन बेहाल हो गया है। खासकर मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे के कारण दुश्वारियां बढ़ गई हैं। ऊधमसिंह और हरिद्वार समेत कई मैदानी क्षेत्र शीत दिवस की मार झेल रहे हैं। अधिकतम पारे में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, अगले दो दिन उत्तराखंड में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, पौड़ी और देहरादून के मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा छाये रहने और शीत दिवस की स्थिति बनने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
कोहरे के चलते रेल सेवाएं भी प्रभावित
साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में पाला परेशानी बढ़ा सकता है। कोहरे के चलते रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। देहरादून आने वाली सुबेदारगंज देहरादून लिंक एक्सप्रेस दस जनवरी को एक घंटा 13 मिनट और ग्यारह जनवरी को तीन घंटे 30 मिनट की देरी से देहरादून पहुंची।
हावड़ा-देहरादून उपासना एक्सप्रेस एक घंटा 41 मिनट की देरी, हावड़ा देहरादून कुंभ ग्यारह जनवरी को आधा घंटा देरी से, कोटा देहरादून नंदा देवी एक्सप्रेस दस जनवरी को तीन घंटे 12 मिनट की देरी और ग्यारह जनवरी को एक घंटा 18 मिनट की देरी से देहरादून पहुंची।
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रुड़की में शीतलहर चलने से शिक्षानगरी में ठंड का असर काफी बढ़ गया है। गुरुवार को भी लोगों को गलन वाली ठंड का सामना करना पड़ा। ऐसे में कड़ाके की ठंड से बचाव के लोगों ने अलाव का सहारा लिया और लोग गर्म कपड़ों में पैक नजर आए। हाड़ कपा देने वाली ठंड ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन को खासा प्रभावित किया हुआ है।
आलम यह है कि कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए आवश्यक नहीं होने पर लोग घरों से बाहर न निकलने में ही समझदारी मान रहे हैं। गुरुवार को भी दिनभर लोगों को गलन वाली ठंड झेलनी पड़ी। अलसुबह वातावरण में कोहरा छाया रहा। साथ ही पाला भी गिरा। वहीं सुबह होने पर कोहरा छंट भी गया। लेकिन, शीतलहर ने लोगों की कपकपी छुड़ाई।
वहीं ठंड से बचाव के लिए लोग सड़कों के किनारे और कई कार्यालय में अलाव जलाकर हाथ सेकत दिखाई दिए। उधर, गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस कम रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रेकार्ड हुआ।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के जल संसाधन विकास एवं प्रबंधन विभाग में संचालित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा परियोजना से मिली जानकारी के अनुसार शीतलहर शुक्रवार को भी जारी रहेगी। साथ ही सुबह पाला गिरने का भी अनुमान है।
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