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    उत्तराखंड का मौसम: 8 जिलों में आज अत्यंत तीव्र बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 06:30 AM (IST)

    उत्तराखंड में दो दिन की भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे चारधाम यात्रा दो दिनों के लिए स्थगित कर दी गई है। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    HighLights

    1. भारी बारिश से उत्तराखंड में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित

    2. चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, सड़कें बाधित

    3. आठ जिलों में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी

    जागरण संवाददाता, देहरादून। दो दिन से अनवरत जारी मूसलधार वर्षा ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। पहाड़ से लेकर मैदान तक नदी-नाले उफान पर आ गए। पर्वतीय क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन से चारधाम यात्रा मार्ग सहित 142 संपर्क सड़कें बाधित हो गईं।

    चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। यात्रियों को पड़ावों पर ही रोका गया है। राजधानी देहरादून समेत मैदानी क्षेत्रों जलभराव, सड़क क्षति और यातायात अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है। मसूरी मार्ग पर भी भूस्खलन के चलते दिनभर यातायात प्रभावित रहा।

    सिल्ट बढ़ने के कारण दोपहर एक बजे से ढालीपुर, ढकरानी व व्यासी जल विद्युत उत्पादन केंद्रों में बिजली उत्पादन ठप हो गया। देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में सर्वाधिक 233 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए भी आठ जिलों में भारी वर्षा का आरेंज अलर्ट जारी किया है।

    सोमवार देर रात हुई जोरदार वर्षा का सिलसिला मंगलवार सुबह तक जारी रहा। इससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गईं। भारी वर्षा से जलभराव व भू-कटाव से आपदा जैसे हालात पैदा कर दिए। यातायात, पेयजल और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

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    वर्षा से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। रुद्रप्रयाग में गौरीकुंड, पिथौरागढ़ में चीन सीमा को जोड़ने वाला कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग (टनकपुर-तवाघाट हाईवे) व मुनस्यारी-मिलम राजमार्ग भूस्खलन से अवरुद्ध हैं।

    देहरादून-मसूरी मार्ग पर कोल्हूखेत के पास मलबा आने से तीन घंटे बाधित रहा। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग का करीब 25 से 30 मीटर हिस्सा लगभग दो से ढाई मीटर तक धंस गया। कंचनगंगा का जलस्तर बढ़ने से मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे सात घंटे बंद रहा।

    आज भी आठ जिलों के लिए अलर्ट

    मौसम विभाग ने बुधवार को देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर, चंपावत और टिहरी जिलों के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया है।

    इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली गिरने व अत्यंत तीव्र बारिश के दौर पड़ने की संभावना जताई गई है। राज्य के अन्य सभी जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    दो कांवड़ यात्री घायल, तीन महिलाओं को बचाया

    यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़ व सिलाई बैंड के मध्य सोमवार शाम अचानक पहाड़ी दरकने से दो कांवड़ यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।

    उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट से देहरादून रेफर किया गया है। उत्तरकाशी के तिलवाड़ा में मंदाकिनी नदी किनारे तीन स्थानीय महिलाएं पानी के तेज बहाव में फंस गईं। एसडीआरएफ टीम ने तीनों को सुरक्षित बाहर निकला।

    सर्वाधिक वर्षा (मिमी)

    • मालदेवता (देहरादून): 233
    • मसूरी : 179 मिमी
    • ऊखीमठ (रुद्रप्रयाग): 131
    • रानीचौरी ( टिहरी) 127
    • देहरादून : 107.0
    • बेरीनाग (पिथौरागढ़) 100

    यहां भी नुकसान

    • गुप्तकाशी में जीएमवीएन के पास मलबा आने से पांच दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं।
    • रामनगर से आ रहा ट्रक बीरोंखाल ब्लाक के ग्राम तलाई के समीप पुस्ता ढहने से पूर्वी नयार नदी में जा गिरा।

    धंस गई नवनिर्मित पुल की एप्रोच रोड

    पांवटा साहिब राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित पुल पर 16 करोड़ रुपये से किया गया नवनिर्माण महज 16 दिन के भीतर ही बैठ गया।

    मंगलवार सुबह करीब पांच बजे भारी वर्षा के बीच पुल की एक एप्रोच रोड पर धंसाव हो गया।

    हालांकि लोनिवि ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए देर शाम करीब सात बजे तक पुल की एप्रोच रोड को दुरुस्त करते हुए वाहनों का संचालन शुरू करा दिया था।

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